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प्रियागोल्ड बिस्किट और डोडला डेयरी पर FSSAI की 'सर्जिकल स्ट्राइक', घटिया दूध और पशु चारे का खेल बेनकाब!

FSSAI ने मानक और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 'डोडला डेयरी', 'प्रियागोल्ड बिस्किट' और 'उइर ऑर्गेनिक फूड्स' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

प्रियागोल्ड बिस्किट और डोडला डेयरी पर FSSAI की 'सर्जिकल स्ट्राइक', घटिया दूध और पशु चारे का खेल बेनकाब!
Image Credit: FSSAI ने 3 कंपनियों पर कसा शिकंजा.

FSSAI Big Action : फूड रेगुलेटर, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने वाली कंपनी 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड', 'डोडला डेयरी लिमिटेड' और 'उइर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. इन कंपनियों पर बिस्किट, फुल क्रीम दूध और ऑर्गेनिक पीली किशमिश से जुड़े खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप है. इसके अलावा, FSSAI ने 'नारपाधम फूड्स', 'सन रिज हेल्थ केयरर्स' और 'शा कांतिलाल जयंतीलाल' को भी स्वच्छता, लाइसेंसिंग और नियमों के पालन से जुड़ी विभिन्न कमियों के लिए नोटिस जारी किया है.

FSSAI ने आगे भी करेगी कड़ी कार्रवाई

ये कार्रवाई रेगुलेटर ने निरीक्षणों और प्रयोगशाला जांच के बाद की है. इसमें कई गंभीर कमियां पाई गईं है. इनमें अनुपयुक्त कच्चे माल का इस्तेमाल, असुरक्षित खाद्य नमूने और स्वच्छता के अपर्याप्त इंतजाम शामिल हैं. FSSAI ने 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' को सख्ती से लागू करने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से समझौता करने वाले खाद्य व्यवसायों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

डोडला डेयरी: फुल क्रीम दूध घटिया और असुरक्षित पाया गया

डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध के एक नमूने की जांच में पाया गया कि इसमें तय मानकों के अनुसार 'मिल्क-फैट' (दूध की वसा) की मात्रा नहीं थी. इसके कारण इसे 'घटिया' घोषित किया गया. इसके बाद की गई अपील पर एक रेफरल प्रयोगशाला ने पुष्टि की कि ये नमूना 'असुरक्षित' भी है, क्योंकि इसमें डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा पाया गया, जबकि इसमें मिल्क-फैट की मात्रा भी न्यूनतम आवश्यक स्तर से कम थी.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

प्रियागोल्ड बिस्किट: निर्माण प्रक्रिया में पशु चारे के चोकर का इस्तेमाल

एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' के परिसर का निरीक्षण किया गया. इसमें पता चला कि प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में फाइबर के सोर्स के तौर पर उस चोकर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो असल में पशुओं के चारे के लिए था. ये सामग्री बोरी में रखी गई थी, जिस पर स्पष्ट रूप से 'पशु चारा' लिखा था यानी ये इंसानों के खाने के लिए नहीं थी.

निरीक्षकों ने प्लांट्स में स्वच्छता, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण, सामग्री को अलग-अलग रखने की व्यवस्था, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और परिसर के रखरखाव में भी कई कमियां पाईं. इन नतीजों के बाद कंपनी का FSSAI लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दे दी.

 

उइर ऑर्गेनिक फूड्स: पीली किशमिश में कीटनाशकों के अवशेष

'उइर ऑर्गेनिक फूड्स' को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी की ऑर्गेनिक पीली किशमिश के एक नमूने की जांच में पाया गया कि इसमें कीटनाशकों के अवशेष तय सीमा से कहीं अधिक हैं, जिसके कारण इसे 'असुरक्षित' घोषित किया गया है. शुरुआती जांच में कई अवशेष (रेसिड्यू) पाए गए, जिनमें एजोक्सीस्ट्रोबिन, इमिडाक्लोप्रिड, टेबुकोनाजोल और थियामेथोक्सम शामिल हैं.

3 अन्य व्यवसायों को भी मिली नोटिस

FSSAI ने नारपाधम फूड्स को भंडारण, साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, सप्लाई संबंधी दस्तावेजों और कर्मचारियों की स्वच्छता को लेकर नोटिस जारी किया है. सन रिजेज हेल्थ केयरर्स को फर्श पर सीधे खाद्य सामग्री रखने, साफ-सफाई की कमी, टेस्टिंग रिकॉर्ड न होने और कर्मचारियों की स्वच्छता में कमियों के लिए चिह्नित किया गया है.

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Gaurav Singh

Gaurav Singh

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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