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NSE Share Price: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री को गई है. एनएसई (NSE) का शेयर बाजार में लिस्टेड होते ही पुराने और बड़े निवेशकों की किस्मत चमक गई है. एनएसई के शेयरों की गुरुवार को लिस्टिंग के बाद देश के कई जाने-माने बिजनेस घरानों, संस्थाओं और दिग्गज निवेशकों की संपत्ति में हजारों करोड़ रुपये का बंपर इजाफा हुआ है. बीएसई (BSE) पर गुरुवार को एनएसई का शेयर 1,818 रुपये के रेट पर बंद हुआ. इसके आधार पर ही इन दिग्गजों की संपत्ति का आंकलन किया गया है.
एनएसई (NSE) की लिस्टिंग में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) सबसे बड़ा शेयरहोल्डर बनकर उभरा है. एलआईसी (LIC) की कुल हिस्सेदारी की कीमत करीब 48,620 करोड़ रुपये आंकी गई है. इसके अलावा अरंडा इन्वेस्टमेंट्स और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन की हिस्सेदारी 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. एसबीआई कैप और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पास भी हजारों करोड़ के शेयर हैं.
दिग्गज निवेशकों की लिस्ट में डी-मार्ट के मालिक राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani) का नाम भी शामिली है. दमानी की हिस्सेदारी करीब 7,164 करोड़ रुपये की है. विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी की फर्म पीआई अपॉर्चुनिटीज के पास 10,667 करोड़ रुपये के शेयर हैं. इसके अलावा इंफोसिस के को-फाउंडर एन नारायण मूर्ति के कैटामारन वेंचर्स और हीरो मोटोकॉर्प के सुनील कांत मुंजाल को भी लिस्टिंग से भारी फायदा हुआ है.
हेक्सावेयर के फाउंडर अतुल निशाद, हल्दीराम के एमडी मनोहर लाल अग्रवाल और शोभा के चेयरमैन पीएनसी मेनन जैसे कई दूसरे नाम भी इस लंबी अवधि के निवेशकों की लिस्ट में शामिल हैं. इन सभी को एनएसई (NSE) के शेयर बाजार में उतरने का सीधा और बड़ा फायदा मिला है.
एनएसई (NSE) के स्टॉक को शेयर बाजार में गुरुवार को लिस्ट किया गया. लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी देखने को मिली और इसने 1878 रुपये का हाई लेवल टच किया. इस दौरान शेयर 1790 रुपये के लो लेवल तक भी गया. कारोबारी सत्र के अंत में यह 24 सितंबर को 1,818 रुपये के लेवल पर बंद हो गया. शुक्रवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत में शेयर 1,825 रुपये पर खुला. कुछ देर बाद यह चढ़कर 1830 रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, बाद में यह 1,790 रुपये तक टूट गया. खबर लिखे जाने के समय करीब 11.45 बजे शेयर को 1810 रुपये पर कारोबार करते देखा गया.
जानकारों का मानना है कि एनएसई (NSE) की यह लिस्टिंग इंडियन फाइनेंशियल मार्केट की मैच्योरिटी यह दर्शाती है कि एक्सचेंज के पास मजबूत बिजनेस मॉडल और भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम होने के कारण इसके शेयरों में आगे भी निवेशकों की गहरी दिलचस्पी बनी रहने की संभावना है. बाजार के जानकार शेयर के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.