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Cyclone Arnab Flights trains cancelled : बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है. इसमें हवा की लगातार गति 125-135 किमी प्रति घंटा है, जबकि हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रहे हैं. उम्मीद है कि बुधवार तड़के 2 बजे से 4 बजे के बीच इसके तट से टकराने (लैंडफॉल) की संभावना है.
इसके कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं. चक्रवात के तट के करीब पहुंचने के कारण कम से कम 65 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, इसके बुधवार तड़के 2 बजे से 4 बजे के बीच तट से टकराने की संभावना है, जो उम्मीद से पहले है.
IMD ने बताया कि मंगलवार सुबह 11:30 बजे यह तूफान विशाखापत्तनम से लगभग 170 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में था. अनुमान है कि ये पहले पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा, फिर उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ जाएगा. बुधवार सुबह तक यह यानम के पास, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करेगा.
तूफान के दौरान हवा की लगातार गति 125-135 किमी प्रति घंटा रहने और झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है. जैसे-जैसे यह सिस्टम जमीन के अंदर की ओर बढ़ेगा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. बंगाली भाषा में 'अर्नब' का अर्थ समुद्र या महासागर होता है और ये नाम बांग्लादेश द्वारा दिया गया है.
दक्षिण तटीय रेलवे (SCoR) ने भीषण चक्रवात 'अर्नब' को देखते हुए एहतियात के तौर पर 57 ट्रेनों को रद्द कर दिया है और 15 ट्रेनों के समय में बदलाव किया है. इससे वंदे भारत, रत्नाचल, उदय, गरीब रथ, गोदावरी और फलकनुमा एक्सप्रेस जैसी कई प्रमुख ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं. चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर करीब 21 फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश के तट पर खराब मौसम की आशंका को देखते हुए, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए ये ट्रेनें रद्द की गई हैं और इनके समय में बदलाव किया गया है.
दक्षिण तटीय रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्होंने रेलवे अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. वे चारों डिवीजनों के मंडल रेल प्रबंधकों (DRMs) के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन्होंने यात्रियों की सहायता के लिए आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (इमरजेंसी कंट्रोल रूम) और समर्पित हेल्पलाइन शुरू करने का निर्देश दिया है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा चक्रवात की चेतावनी जारी किए जाने के बाद, रेलवे प्रशासन ने प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में परिचालन की स्थिति की समीक्षा की और मंगलवार, बुधवार तथा गुरुवार को ट्रेन सेवाओं को विनियमित (रेगुलेट) करने का निर्णय लिया.
मंगलवार को गरीब रथ एक्सप्रेस, गुंटूर-रायगडा एक्सप्रेस, चार्लापल्ली-श्रीकाकुलम स्पेशल, गोदावरी एक्सप्रेस, फलकनुमा एक्सप्रेस और विशाखापत्तनम-भुवनेश्वर सेवाओं सहित लगभग 24 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया. बुधवार को 32 ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं.
इसमें ट्रेन नंबर 17244 रायगड़ा-गुंटूर एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12739 विशाखापत्तनम-सिकंदराबाद गरीब रथ एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 07038 श्रीकाकुलम रोड-चार्लापल्ली स्पेशल, ट्रेन नंबर 12718 विजयवाड़ा-विशाखापत्तनम रत्नाचल एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 20707 और 20708 शामिल हैं.
सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 17206 काकीनाडा पोर्ट-साईंनगर शिरडी एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 20833 और 20834 विशाखापत्तनम-सिकंदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 22875 विशाखापत्तनम-गुंटूर उदय एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 22876 गुंटूर-विशाखापत्तनम उदय एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12717 विशाखापत्तनम-विजयवाड़ा रत्नाचल एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें कैंसिल हुई हैं.
चक्रवात के तट से टकराने से पहले, आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने लगभग 4,000 आश्रय स्थल (शेल्टर) बनाए हैं, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है. सरकार आपदा प्रबंधन कर्मियों को अलर्ट पर रखा है.
APSDMA के अनुसार, चक्रवात के तट से टकराने से पहले आंध्र प्रदेश में 84,396 लोगों को आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है. राज्य सरकार ने 1,087 मेडिकल टीमें तैनात की हैं, 8,281 इमरजेंसी बेड की व्यवस्था की है और 1,274 एम्बुलेंस तैयार रखी हैं.
सरकार ने सांप के काटने के इलाज के लिए 21,536 एंटी-वेनम डोज का स्टॉक रखा है और लगभग 5,000 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाया है. पानी के टैंकर, जनरेटर और रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) प्लांट की व्यवस्था की गई है, साथ ही 14,686 राशन की दुकानों पर दो महीने के लिए जरूरी सामान उपलब्ध है. 35.96 लाख किसानों को भी सलाह (एडवाइजरी) जारी की गई है.
ओडिशा में राज्य सरकार निचले और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से लगभग 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर रही थी. इनमें गजपति और नबरंगपुर, दोनों जिलों से लगभग 11,000-11,000 लोग शामिल हैं.