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Crude Oil Price Today: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ग्लोबल ऑयल मार्केट में एक बार फिर से हलचल देखने को मिल रही है. एक तरफ मिडिल ईस्ट में जंग को लेकर तनाव चरम पर है तो दूसरी तरफ अमेरिका की नई पॉलिसी ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. इसके बाद शुक्रवार सुबह क्रूड ऑयल के दाम में हल्की गिरावट देखी जा रही है. बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह अमेरिका की तरफ से उठाए जा रहे कदमों का असर है. इंटरनेशनल मार्केट में शुक्रवार सुबह क्रूड ऑयल की कीमत में नरमी देखी गई. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 41 सेंट गिरकर 105.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं WTI क्रूड 54 सेंट की गिरावट के साथ 97.43 डॉलर पर कारोबार करता दिखा.
कच्चे तेल के दाम घटने के पीछे बड़ा कारण अमेरिकी सरकार की प्लानिंग को माना जा रहा है. ट्रंप प्रशासन रूस, ईरान और वेनेजुएला से तेल ले जाने वाले वाले 'शैडो फ्लीट' यानी गुप्त टैंकर्स पर से पाबंदियां हटाने के बारे में सेच रहा है. ट्रंप प्रशासन के इस कदम का मकसद दुनियाभर में रिकॉर्ड लेवल पर पहुंची भाड़े की दरों को कम करना है.
इससे पहले गुरुवार को इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ाने और बढ़ती कीमत को कंट्रोल करेन के मकसद से 2 करोड़ बैरल से ज्यादा डीजल जारी करने पर सहमति जताई है. हालांकि, बाजार से जुड़े एनालिस्ट का मानना है कि इन अस्थाई उपायों से तेल बाजार पूरी तरह नीचे नहीं आएगा. बाजार को असली राहत तब ही मिलेगी, जब मिडिल ईस्ट में तनाव कम होगा.
एक तरफ अमेरिका की तरफ से बैन में ढील देने के बारे में सोच रहा है. लेकिन दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में जंग फिर से तेज हो गई है. सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष घटने का नाम नहीं ले रहा. हूतियों की तरफ से अदन में राष्ट्रपति महल पर मिसाइलें दागी गईं, इस हमले में दो गार्ड की मौत् हो गई. इसके साथ ही रेड सी और समुद्री रूट में जहाजों पर हमले तेज हो गए.
पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से रूसी डीजल पर बैन हटाने के फैसले की यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूरोपीय देशों ने आलोचना की थी. देखने वाली बात यह है कि अमेरिका के इन फैसलों से आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल सस्ता होता है या मिडिल ईस्ट जंग से फिर से तेल में आग लगी रहेगी?
इस बीच भारत सरकार की तरफ से पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले 'विंडफॉल टैक्स' को रिवाइज कर दिया गया है. नए आदेश के बाद सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले 'विंडफॉल टैक्स' को बढ़ाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. पहले यह 0.5 रुपये प्रति लीटर था. इसके अलावा डीजल पर इसे 16 रुपये से घटाकर साढ़े आठ रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.