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Crude Oil: मिडिल ईस्ट में जंग की आहट और चीन का बड़ा फैसला, क्रूड ऑयल फिर पहुंचा 100 डॉलर के पार

China Export Ban: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, अमेरिकी सेना की तैनाती और चीन की तरफ से फ्यूल एक्सपोर्ट रोकने के बाद क्रूड ऑयल की कीमत में फिर से उछाल दर्ज किया गया है. इसका आने वाले समय में क्या असर हो सकता है?

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Oct 02, 2026, 07:25 AM IST | Updated: Oct 02, 2026, 07:29 AM IST
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Crude Oil Price: ग्लोबल ऑयल मार्केट में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है. शुक्रवार को क्रूड ऑयल की कीमत में हल्की तेजी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड और डब्लूटीआई क्रूड दोनों ही हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह चीन की तरफ से रिफाइंड फ्यूल के एक्सपोर्ट पर रोक लगाना और मिडिल ईस्ट में अमेरिका की तरफ से ज्यादा सेना को तैनात किया जाना है. आइए जानते हैं इस अपडेट के बाद ग्लोबल मार्केट पर क्या असर पड़ रहा है.

क्रूड ऑयल में उछाल की वजह

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 29 सेंट बढ़कर 102.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं अमेरिकी डब्लूटीआई क्रूड 27 सेंट की तेजी के साथ 93.14 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि सप्लाई से जुड़े मिले-जुले संकेतों की वजह से ट्रेडर्स फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं.

चीन ने फ्यूल एक्सपोर्ट पर लगाया बैन

कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ाने में चीन के एक फैसले ने अहम भूमिका निभाई है. चीन ने अक्टूबर महीने के लिए अपनी प्रमुख रिफाइनरियों को हांगकांग और मकाऊ के अलावा अन्य क्षेत्रों में रिफाइंड फ्यूल निर्यात करने की अनुमति नहीं दी है. चीन में एक हफ्ते की राष्ट्रीय छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं और यह साफ नहीं है कि 7 अक्टूबर के बाद निर्यात फिर से शुरू होगा या नहीं. इस फैसले से दुनियाभर में डीजल और जेट फ्यूल की किल्लत की आशंका बढ़ गई है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में जियो-पॉलिटिकल टेंशन चरम पर पहुंच गया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर और करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर दोबारा हमले करने पर विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने साफ लहजे में कहा कि ईरान या तो एक निष्पक्ष समझौते पर दस्तखत करेगा या फिर उसका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा.

यूरोप को अमेरिका की चेतावनी

ईंधन संकट से निपटने के लिए अमेरिका ने यूरोपीय देशों पर भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है. ट्रंप प्रशासन ने जर्मनी और फ्रांस से कहा कि वे अपने इमरजेंसी डीजल रिजर्व का इस्तेमाल करें ताकि दुनियाभर में बढ़ती डीजल कीमतों को काबू किया जा सके. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि यूरोपीय देश ऐसा नहीं करते हैं तो अमेरिका अपने डीजल निर्यात पर रोक लगा सकता है.

बाजार पर क्या पड़ेगा असर?

केसीएम ट्रेड के चीफ एनालिस्ट टिम वाटरी के अनुसार मार्केट इस हफ्ते कई तरह के विरोधी संकेतों को समझने की कोशिश कर रहा है. सऊदी अरब से बेहतर सप्लाई की उम्मीद जरूर है लेकिन अमेरिका की सैन्य गतिविधियों और चीन के एक्सपोर्ट बैन ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है. अगर तनाव ऐसे ही जारी रहता है तो आने वाले दिनों में आम जनता पर भी महंगाई का बोझ बढ़ सकता है.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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