App

Crude Oil Price: कच्चा तेल 107 डॉलर के पार, आम आदमी की जेब पर बढ़ सकता है बोझ! क्या अब महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

वेस्ट एशिया में तनाव के बीच कच्चा तेल 107 डॉलर के पार पहुंचने से भारत में पेट्रोल-डीजल, LPG और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है.

Crude Oil Price: कच्चा तेल 107 डॉलर के पार, आम आदमी की जेब पर बढ़ सकता है बोझ! क्या अब महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

Crude Oil Price: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 107-109 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक जा चुका है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो भारत में आम आदमी की जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा?

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल भारत के लिए स्थिति को किसी बड़े आर्थिक संकट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और नियंत्रण में बनी महंगाई देश को कुछ राहत दे रही है. लेकिन, अगर क्रूड लंबे समय तक महंगा रहा, तो महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और इसका असर घर के मासिक बजट पर दिखाई देने लगेगा.

10 डॉलर महंगा हुआ तेल तो बढ़ सकती है महंगाई

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अर्थव्यवस्था के कई हिस्सों पर पड़ता है. रिजर्व बैंक की एक स्टडी के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत में 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई करीब 49 बेसिस प्वाइंट्स तक बढ़ सकती है यानी अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार ऊपर बनी रहती हैं, तो इसका असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है.

पेट्रोल-डीजल महंगे हुए तो बढ़ेगा सफर का खर्च

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 88.6 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत बढ़ने का सीधा असर देश के तेल आयात बिल पर पड़ता है. अगर महंगा क्रूड लंबे समय तक जारी रहता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. इसका मतलब है कि कार और बाइक से रोज सफर करने वालों का मासिक खर्च बढ़ सकता है.

अगर डीजल की कीमत बढ़ी तो महंगा होगा सामान!

डीजल सिर्फ वाहनों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन नहीं है, बल्कि देश की सप्लाई चेन का सबसे अहम हिस्सा है. ट्रक, मालवाहक वाहन और दूसरे कमर्शियल व्हीकल डीजल पर निर्भर हैं. डीजल महंगा होने पर माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है. कंपनियां अगर इस एडिशनल खर्च को ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो किराना, सब्जी, फल, FMCG और दूसरी रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं.

crude oil price

रसोई के बजट पर भी आएगा दबाव

महंगे क्रूड का असर खाद्य वस्तुओं पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है. खेती से लेकर खाद्य पदार्थों की प्रोसेसिंग और फिर उन्हें बाजार तक पहुंचाने में ईंधन की भूमिका होती है. ऐसे में परिवहन और प्रोडक्शन लागत बढ़ने पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दबाव बन सकता है. इसका सीधा असर परिवारों के मासिक घरेलू बजट पर देखने को मिल सकता है.

LPG की कीमतों में बदलाव पर भी नजर

कच्चे तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी का असर घरेलू ऊर्जा खर्च पर भी पड़ सकता है. ऐसे में LPG की कीमतों को लेकर भी लोगों की नजर बनी रहेगी. सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए टैक्स में बदलाव या अन्य उपाय कर सकती है. हालांकि, लंबे समय तक कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.

इन सेक्टर्स की बढ़ सकती है लागत

महंगे क्रूड का असर सिर्फ ऑयल कंपनियों तक सीमित नहीं रहता. एयरलाइंस, पेंट, केमिकल, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट और कंज्यूमर गुड्स जैसे सेक्टर्स की लागत भी बढ़ सकती है. अगर कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालती हैं, तो कई उत्पाद और सेवाएं महंगी हो सकती हैं. दूसरी ओर, घरेलू स्तर पर तेल और गैस का उत्पादन करने वाली कंपनियों को ऊंची क्रूड कीमतों से फायदा मिल सकता है. ONGC और आयल इंडिया जैसी कंपनियों के लिए महंगा कच्चा तेल सकारात्मक साबित हो सकता है.

आम आदमी को क्या करना चाहिए?

फिलहाल, इसे तत्काल किसी बड़े आर्थिक संकट की स्थिति नहीं माना जा रहा है. लेकिन, अगर क्रूड की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका असर धीरे-धीरे आम आदमी की जेब तक पहुंच सकता है. पेट्रोल-डीजल, LPG, यात्रा, माल ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर नजर रखना जरूरी होगा. आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी कि महंगे तेल का असर भारतीय परिवारों के बजट पर कितना गहरा पड़ता है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Gaurav Singh

Gaurav Singh

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
Read More