SBI के बाद अब इस बैंक का डेटा लीक होने की खबर, हैकर्स ने मजबूत सिस्टम में कैसे लगाई सेंध?
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संभावित डेटा लीक पर सेल्सफोर्स ने कहा कि उसके प्लेटफॉर्म में किसी तरह की खराबी नहीं है. डेटा लीक की खबर के बीच व्हीकल लोन कस्टमर्स को क्या खतरा है?
कुछ दिन पहले की ही बात है जब देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने कुछ ग्राहकों का डेटा लीक होने की खबर आई थी. इसके बाद अब एक और बैंक का डेटा लीक होने की जानकारी आ रही है. भारतीय बैंकिंग सेक्टर में दिन दिनों साइबर हैकर्स की वजह से हलचल मची हुई है. देश के दिग्गज प्राइवेट लेंडर्स में से एक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) के व्हीकल लोन कस्टमर्स के डेटा लीक होने की खबर से हलचल मच गई है. डेटा लीक से जुड़े इस पूरे विवाद में सेल्सफोर्स का नाम आया तो ग्लोबल टेक मार्केट में चर्चा शुरू हो गई. लेकिन सेल्सफोर्स की तरफ से साफ कहा गया कि उनके प्लेटफॉर्म या सॉफ्टवेयर में किसी भी तरह की खामी नहीं पाई गई.
Salesforce ने बयान में क्या कहा?
दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस कंपनियों में से सेल्सफोर्स एक है. कंपनी की तरफ से अपने ऑफिशियल बयान में कहा गया कि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के बेस पर सेल्सफोर्स से जुड़ा कोई भी सिक्योरिटी इश्यू या खामी सामने नहीं आया है. कंपनी ने यह भी साफ किया कि पॉलिसी के तहत वे किसी पर्सनल कस्टमर के मामले पर पब्लिकली ज्यादा टिप्पणी नहीं करते. हालांकि, टेक्निकल टीम कस्टमर्स को हर तरह की सपोर्ट देने में जुटी हुई है.
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का बयान
दूसरी तरफ एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने कस्टमर्स को पूरी तरह आश्वस्त करने की कोशिश की है. बैंक का कहना है कि उन्होंने डेटा लीक को लेकर शुरुआती जांच करना शुरू कर दिया है. यह डेटा लीक का मामला थर्ड-पार्टी SaaS प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ है, इसे भी सेल्सफोर्स की तरफ से मैनेज और होस्ट किया जाता है. इसमें खासतौर पर बैंक के व्हीकल लोन लेने वाले कस्टमर की लिमिटेड जानकारी शामिल थी. बैंक की तरफ से यह भी कहा गया कि बैंक के कोर इंटरनल सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और अप्रभावित हैं. ग्राहकों की बैंकिंग सर्विस पहले की तरह नॉर्मल चल रही हैं.
हैकर्स ने किया यह दावा
थ्रेट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म Hackmanac की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार इस हैकिंग के पीछे 'ScarlettGroup' नामक हैकर गैंग का हाथ होने की आशंका है. हैकर्स की तरफ से दावा किया गया कि उन्होंने बैंक के साइबर डिफेंस को तोड़ दिया और उनके पास कस्टमर्स के साथ-साथ बैंक का इंटरनल डेटा भी है. हैकर्स की तरफ से दावा किया गया कि उनके पास कस्टमर्स के KYC रिकॉर्ड, पर्सनल आईडी, PAN और ऑफिशियल आईडी की डिटेल्स, क्रेडिट रिपोर्ट्, बैंक स्टेटमेंट, लोन एप्लीकेशन फॉर्म आदि से जुड़ी जानकारी है.