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दुनिया की इकोनॉमी को AI से हर साल मिल सकता है 2.5 ट्रिलियन डॉलर का बूस्ट, रिपोर्ट में दावा

मैकिन्से की रिपोर्ट के मुताबिक, AI मौजूदा कार्य प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में सालाना 2.52 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक मूल्य पैदा कर सकता है. लेकिन, इसकी लागत 30% बढ़ने पर ये लाभ घटकर 1.67 ट्रिलियन डॉलर रह सकता है.

Written ByGaurav Singh
Published: Oct 25, 2026, 10:16 PM IST|Updated: Oct 25, 2026, 10:22 PM IST
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दुनिया की इकोनॉमी को AI से हर साल मिल सकता है 2.5 ट्रिलियन डॉलर का बूस्ट, रिपोर्ट में दावा
Image Credit: रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई से सबसे आकर्षक आर्थिक अवसर कानून, स्वास्थ्य सेवा, प्रबंधन और कंप्यूटर से जुड़े क्षेत्रों में उच्च कौशल वाले पेशेवरों को सहायता देने में मिल सकते हैं। AI

About the Author

    Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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    Global Economy: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मौजूदा कार्य प्रक्रियाओं को स्वचालित और अधिक प्रभावी बनाकर दुनियाभर में सालाना 2.52 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक मूल्य पैदा कर सकता है. हालांकि, एआई के इस्तेमाल की बढ़ती लागत इन लाभों को काफी हद तक कम कर सकती है। कंसल्टिंग कंपनी मैकिन्से की एक नई रिपोर्ट में यह बात कही. ‘द एआई वैल्यू कर्व: द इकोनॉमिक्स ऑफ अप्लाइंग एआई टू एग्जिस्टिंग वर्क’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में एआई तकनीकों को तेजी से अपनाने और संगठनों द्वारा वास्तव में हासिल किए जा रहे आर्थिक लाभों के बीच बढ़ते अंतर को उजागर किया गया है.

    अध्ययन के अनुसार, कई कंपनियां यह पर्याप्त रूप से आकलन किए बिना एआई लागू करने को प्राथमिकता दे रही हैं कि इस तकनीक से निवेश पर पर्याप्त रिटर्न मिल रहा है या नहीं.

    वित्तीय सेवाओं को AI से सबसे ज्यादा फायदा

    मैकिन्से का अनुमान है कि एआई को लागू करने की प्रभावी लागत में 30 प्रतिशत की वृद्धि होने से सालाना आर्थिक मूल्य में 850 अरब डॉलर तक की कमी आ सकती है. ऐसी स्थिति में, इस तकनीक का अनुमानित वैश्विक आर्थिक प्रभाव घटकर सालाना 2.52 ट्रिलियन डॉलर से 1.67 ट्रिलियन डॉलर रह जाएगा.

    ये भी पढ़ें : ₹169 करोड़ में बना RBI का दूसरा डेटा सेंटर आपके किस काम का? UPI और बैंकिंग सिस्टम ठप हुआ तो कैसे मिलेगी मदद

    रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में भी यदि लागत इसी अनुपात में बढ़ती है, तो एआई से पैदा होने वाला सालाना आर्थिक मूल्य 960 बिलियन डॉलर से घटकर 640 बिलियन डॉलर रह सकता है. मैकिन्से ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े भविष्य के परिणामों का पूर्वानुमान नहीं, बल्कि एक मॉडल पर आधारित संभावित परिदृश्य हैं.

    2030 तक इंफ्रास्ट्रक्चर में 7 ट्रिलियन डॉलर निवेश का अनुमान

    ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और ऑटोमेशन तकनीकों पर भारी खर्च कर रही हैं. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में वैश्विक निवेश लगभग 7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. इस खर्च को उचित ठहराने के लिए सालाना करीब 760 ट्रिलियन डॉलर के मुनाफे की आवश्यकता होगी. विभिन्न उद्योगों में वित्तीय सेवाओं को एआई अपनाने से सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है. इस क्षेत्र में सालाना 530 बिलियन डॉलर के आर्थिक लाभ का अनुमान लगाया गया है.

    शिक्षा क्षेत्र 410 बिलियन डॉलर के संभावित लाभ के साथ दूसरे स्थान पर है. इसके बाद प्रौद्योगिकी, मीडिया और दूरसंचार क्षेत्र का स्थान है, जहां सालाना 360 बिलियन डॉलर का आर्थिक लाभ होने का अनुमान है. वहीं, एआई आधारित अनुप्रयोगों के जरिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र सालाना लगभग 310 बिलियन डॉलर का मूल्य पैदा कर सकता है.

    रिपोर्ट में इस धारणा को भी चुनौती दी गई है कि एआई की मुख्य भूमिका कम वेतन वाले कर्मचारियों की जगह लेना है. इसके बजाय, रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई से सबसे आकर्षक आर्थिक अवसर कानून, स्वास्थ्य सेवा, प्रबंधन और कंप्यूटर से जुड़े क्षेत्रों में उच्च कौशल वाले पेशेवरों को सहायता देने में मिल सकते हैं. इन क्षेत्रों में यह तकनीक उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकती है.

    (IANS के इनपुट के साथ)

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