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आपके यहां भी नहीं मिल रहा अमूल का घी? मक्खन ₹15 और घी ₹50 महंगा, जानिए बढ़कर क्या हो गया नया रेट

देश की दिग्गज डेयरी प्रोडक्ट कंपनी अमूल की तरफ से घी और मक्खन के दाम में इजाफा कर दिया गया है. कंपनी की तरफ से एक किलो घी सीधे 50 रुपये महंगा किया गया है. वहीं, बटर का प्राइस 15 रुपये बढ़ा है. आइए चेक करते हैं नया रेट-

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Nov 04, 2026, 03:22 PM IST | Updated: Nov 04, 2026, 03:24 PM IST
Image Credit: (AI) 100 ग्राम वाला अमूल बटर का पैक 63 रुपये की बजाय 66 रुपये का मिलेगा.
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देश के सबसे बड़े डेयरी ब्रांड अमूल ने अपने ग्राहकों को एक बार फिर से झटका दिया है. अमूल ने घी और मक्खन के दाम में इजाफा कर दिया है. यह बढ़ोतरी अलग-अलग प्रोडक्ट पर 3 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की है. अब आपको एक किलो वाले अमूल घी के पैक के लिए 630 रुपये की बजाय 680 रुपये खर्च करने होंगे. यानी इसकी कीमत 50 रुपये बढ़ गई है. दूसरी तरफ, मिडिल क्लास की पसंद 100 ग्राम वाला अमूल बटर का पैक आपको 63 रुपये की बजाय 66 रुपये का मिलेगा. कंपनी का कहना है कि लागत में इजाफा होने और बाजार में अचानक बढ़ी डिमांड के कारण कीमत बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा.

दाम में अचानक आए इतने बढ़े उछाल के बाद यह सवाल है कि अचानक अमूल को अपने दाम क्यों बढ़ाने पड़े? क्यों गुजरात से लेकर महाराष्ट्र और वेस्ट बंगाल तक दुकानों के शेल्फ से अमूल घी गायब हो रहा है? इसके पीछे का कारण मंदी या टैक्स नहीं, बल्कि नकली घी के खिलाफ हुआ बड़ा सरकारी एक्शन है. पिछले कुछ महीने के दौरान गुजरात और राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में फूड सेफ्टी विभाग की तरफ से नकली घी बनाने वाले गिरोह पर ताबड़तोड़ छापे मारे गए. एक अनुमान के अनुसार पिछले छह महीने के दौरान गुजरात और राजस्थान से करीब 2 लाख किलो से ज्यादा मिलावटी और जहरीला नकली घी जब्त किया गया.

खुले में मिलने वाले घी को लेकर डर बैठ गया

सरकार की तरफ से की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद आम जनता के बीच लोकल या खुले में मिलने वाले घी को लेकर डर बैठ गया है. लोग अपनी सेहत के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं करना चाहते और ब्रांडेड प्रोडक्ट की तरफ से शिफ्ट कर रहे हैं. दाम बढ़ने से ग्राहकों के सामने नई मुसीबत यह होने लगी है कि गुजरात के बड़े शहरों जैसे अहमदाबाद और वडोदरा में दुकानदारों का कहना है कि अमूल घी का स्टॉक पीछे से बहुत कम आ रहा है. गणेश उत्सव के बाद से अमूल काउ घी की सप्लाई काफी कम हो रही है.

फेस्टिव सीजन में 45% खपत का दबाव

भारत में त्योहारों के सीजन का मतलब ही मिठाइयां, पकवान और खूब सारी दावतें हैं. अमूल के अधिकारियों के अनुसार सालभर में जितना भी घी बिकता है, उसकी करीब 45% खपत अकेले त्योहारों के तीन से चार महीने के सीजन में होती है. एक तरफ नकली घी पर रेड पड़ने से लोग ब्रांडेड की तरफ से जा रहे हैं. दूसरी तरफ त्योहारों की मांग के कारण डिमांड में जबरदस्त उछाल आया. डिमांड बढ़ने के कारण अमूल के प्रोसेसिंग प्लांट्स और सप्लाई चेन पर दबाव पड़ गया है. इस कारण डिमांड और सप्लाई का संतुलन बिगड़ने से शॉर्टेज बनी हुई है.

क्या खत्म हो गया GST कटौती का असर?

अमूल ने सितंबर 2025 में सरकार की तरफ से डेयरी प्रोडक्ट्स पर GST दर 12% से घटाकर 5% किये जाने का फायदा आम ग्राहकों को दिया था. उस समय कंपनी ने अपने करीब 700 प्रोडक्ट्स के दाम घटाकर आम जनता को बड़ी राहत दी थी. उस समय 1 लीटर अमूल घी का बॉक्स 650 रुपये से कम होकर 610 रुपये का हो गया था. वहीं, 5 लीटर वाला टिन 3,275 रुपये से घटकर 3,075 रुपये पर आ गया था. इतना ही नहीं, 100 ग्राम बटर 62 रुपये से गिरकर 58 रुपये और 500 ग्राम का पैक 305 रुपये से कम होकर 285 रुपये का हो गया था. लेकिन अब नई रेट लिस्ट ओन के बाद यही लग रहा है कि जीएसटी कटौती से मिला फायदा काफी हद तक खत्म हो गया है. 

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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