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8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सितंबर 2026 अहम रहने वाला है. 8वें वेतन आयोग के गठन को करीब 10 महीने पूरे हो चुके हैं और आयोग को अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपने के लिए लगभग 8 महीने और मिले हैं. इसी बीच सितंबर में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की उम्मीद है. वहीं, पेंशन संशोधन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी कर्मचारियों की नजरें आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रिफरेन्स (ToR) को मंजूरी दी थी. इसके बाद 3 नवंबर 2025 को आयोग का औपचारिक गठन हुआ. आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी है. इस हिसाब से आयोग की रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा करीब मई 2027 तक बनती है. वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन, पेंशन और भत्तों में संशोधन सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद की जाती है. हालांकि, वास्तविक लागू करने का फैसला केंद्र सरकार आयोग की सिफारिशों पर विचार करने के बाद करेगी.
इससे करीब 55 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर्स प्रभावित हो सकते हैं.
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सितंबर में एक और बड़ी खबर आ सकती है. सरकार जुलाई 2026 से लागू होने वाले अगले डियरनेस अलाउंस (DA) और डियरनेस रिलीफ (DR) का ऐलान कर सकती है. DA साल में दो बार जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है. जनवरी 2026 में DA में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद यह दर 60 प्रतिशत हो गई थी.
अब AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर जुलाई 2026 के लिए DA में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. अगर ये अनुमान सही रहता है तो केंद्रीय कर्मचारियों का DA 60% से बढ़कर 63% हो सकता है. हालांकि, अंतिम फैसला सरकार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा.
8वें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन को लेकर भी मांग तेज हो रही है. खास तौर पर 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स को आयोग के दायरे में शामिल करने की मांग उठी है. 18 अगस्त 2026 के एक ज्ञापन के जरिए DoPT ने कुछ कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की ओर से मिली ऐसी मांगों को आगे की कार्रवाई के लिए डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर को भेजा है. अगर इस मांग को मंजूरी मिलती है तो पुराने पेंशनर्स के लिए भी पेंशन संशोधन का रास्ता साफ हो सकता है.
केंद्रीय कर्मचारी सबसे ज्यादा नजर फिटमेंट फैक्टर पर लगाए हुए हैं. 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था. इससे न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 7वें वेतन आयोग से कम रहने के बावजूद कर्मचारियों को वास्तविक लाभ ज्यादा मिल सकता है.
एक अनुमान के मुताबिक अगर 2.1 का फिटमेंट फैक्टर भी लागू होता है तो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹38,000 हो सकती है. मौजूदा DA को ध्यान में रखते हुए इससे कर्मचारियों की प्रभावी आय में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है.
8वां वेतन आयोग अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर कर्मचारियों और सेवा संगठनों से सुझाव ले रहा है. आयोग का राजस्थान दौरा 1 सितंबर को पूरा हुआ. इसके बाद 8 सितंबर को पुडुचेरी, 16 और 18 सितंबर को चंडीगढ़ तथा 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु का दौरा प्रस्तावित है. आयोग दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में शेयर होल्डर से बातचीत कर चुका है.
सितंबर में DA बढ़ोतरी की संभावित घोषणा से जहां केंद्रीय कर्मचारियों को तत्काल राहत मिल सकती है. वहीं, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लंबे समय में वेतन, पेंशन और भत्तों की तस्वीर बदल सकती हैं. खास तौर पर 63% DA, फिटमेंट फैक्टर और पुराने पेंशनर्स के पेंशन संशोधन पर आने वाले अपडेट बेहद अहम होंगे.