मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में खूनी संघर्ष, रैगिंग को लेकर छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प, पुलिस दिखी असहाय
मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार को रैगिंग को लेकर छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई. हंगामा इतना बढ़ गया कि मामले को शांत कराने पहुंची पुलिस भी असहाय नजर आई. बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात से रैगिंग को लेकर छात्रों के दो गुटों में तनाव चल रहा था.
मोतिहारी का इंजीनियरिंग कॉलेज इन दिनों विवादों में चल रहा है. एक छात्रा की कथित आत्महत्या हो या फिर कॉलेज की छात्रा पर खौलता तेल फेंकने की घटना हो या फिर कॉलेज प्रिंसिपल पर लग रहे आरोप. सब कुछ कुछ ऐसा है जो किसी भी शैक्षणिक संस्था में नहीं होना चाहिए.
31 अक्टूबर शनिवार को मोतिहारी का इंजीनियरिंग कॉलेज रणक्षेत्र बन गया. रैगिंग को लेकर छात्रों के दो गुटों में जमकर मारपीट हुई. रैगिंग को लेकर कल रात से ही कॉलेज में तनाव था जो आज मारपीट में तब्दील हो गया है. मारपीट की जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंची पर छात्रों की संख्या के बीच पुलिस असहाय बनी रही.
मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल ने मारपीट की घटना से इनकार करते हुए कहा कि फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था पर मारपीट नहीं हुई है. हाल के दिनों में खाना बनाने वाले गर्म तेल से कई छात्राएं जख्मी हो गई थीं, उस मामले को भी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल दबाने में लगे हुए थे. तब खाना बनाने वाले पर गर्म तेल फेंकने का आरोप कॉलेज की छात्राओं ने लगाया था.
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने रैगिंग के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही है. मोतिहारी एसपी ने बताया कि मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन को नोटिस भेजा जा रहा है. साथ ही एसपी ने बताया कि सदर एसडीएम (SDM)-एसडीपीओ (SDPO) को जांच का जिम्मा दिया गया है कि क्या मामला है और किनके स्तर पर क्या कुछ लापरवाही हुई है.
रक्सौल में कमरे में बंद बदहाल हालत में मिलीं पूर्व प्राचार्य आभा देवी
दूसरी तरफ रक्सौल शहर के वार्ड-21 स्थित सब्जी बाजार में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. दिवंगत पूर्व वार्ड पार्षद ओम प्रकाश पांडे की पत्नी और सेवानिवृत्त शिक्षिका आभा देवी (66) अपने ही घर के एक कमरे में बेहद बदहाल हालत में मिलीं. गंदगी और दुर्गंध से भरे कमरे में वह निढाल अवस्था में पड़ी थीं. उनकी स्थिति ऐसी थी कि वह अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं. स्थानीय लोगो की सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस और स्वच्छ रक्सौल की टीम ने उन्हें रेस्क्यू कर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया. फिलहाल, उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार, महिला की दयनीय स्थिति की सूचना मिलने पर डायल-112 के प्रभारी रामानंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रंजीत सिंह और महिला प्रभारी शबरा खातून भी टीम के साथ थीं. घर का मुख्य दरवाजा बंद था. स्थानीय सब्जी विक्रेता के पास मौजूद चाबी से दरवाजा खुलवाया गया.
अंदर आभा देवी कुर्सी पर निढाल मिलीं. कमरे में गंदगी, तेज दुर्गंध और कई दिनों से रखा सूखा भोजन पड़ा था. उनकी हालत देखकर टीम के सदस्यों ने तत्काल उन्हें व्हीलचेयर की मदद से अस्पताल पहुंचाया. अनुमंडल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. शशि रंजन कुमार ने उनका इलाज शुरू किया. अस्पताल में होश में आने के बाद आभा देवी ने संपत्ति विवाद को लेकर अपनी छोटी बेटी पर कमरे में बंद रखने का आरोप लगाया.