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वाराणसी से कोलकाता वाया रांची एक्सप्रेसवे: अगले साल जून से भर सकेंगे फर्राटा, 800KM लंबे कॉरिडोर का 33.5KM बिहार से गुजरेगा

वाराणसी-रांची-कोलकाता की राह आने वाले समय में और आसान हो जाएगी. लगभग 800 किलोमीटर लंबे वाराणसी-रांची-कोलकाता इकोनॉमिक कॉरिडोर का 33.5 किलोमीटर का हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा. इस सड़क परियोजना के पूरा होने से पर्यटन, व्यापार और कृषि गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Oct 01, 2026, 06:28 PM IST | Updated: Oct 17, 2026, 06:16 PM IST
Image Credit: वाराणसी से कोलकाता वाया रांची एक्सप्रेसवे (AI Generated Image)
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बिहार में बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विस्तार से आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से वाराणसी-रांची–कोलकाता के बीच करीब 800 किमी लंबाई का इकोनॉमिक कॉरिडोर (एनएच-319ई) के अंतर्गत गया जिले से होकर 33.50 किमी सड़क गुजरेगी. इसके निर्माण से न सिर्फ गया और इसके आसपास के जिले के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल का संपर्क काफी आसान हो जाएगा. 
  
28.2 प्रतिशत भौतिक कार्य हो चुका है पूरा
इस मामले में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, परियोजना के पैकेज-7 के तहत गया के डुमरिया प्रखंड में अनिर्बनसलिया गांव से इमामगंज प्रखंड के संग्रामपुर तक करीब 33.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 1,248.37 करोड़ रुपये है. उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2025 से शुरू हुए इस कार्य की पूर्ण होने की तिथि 30 जून 2027 तय की गई है और अब तक परियोजना का लगभग 28.2 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है.

ईंधन और समय दोनों की होगी बचत
सचिव पाल ने बताया कि इस आधुनिक कॉरिडोर के बनने से गया और आसपास के पूरे मगध क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा. उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ने वाले इस कॉरिडोर से यात्रा का समय काफी घट जाएगा. भारी वाहनों और मालवाहकों के लिए यह एक सुगम और आधुनिक मार्ग साबित होगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी. उन्होंने कहा कि गया के अनिर्बनसलिया से संग्रामपुर के बीच बनने वाली इस 6-लेन सड़क से बनारस (काशी), रांची और कोलकाता से आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए बोधगया और गया की राह काफी आसान और आरामदायक हो जाएगी. इससे स्थानीय पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा.

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स्थानीय उत्पादों को मिल सकेंगे बेहतर दाम
इधर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवेंद्र कुमार बंसल का कहना है कि गया में एक्सप्रेसवे के निर्माण से ग्रामीण इलाकों के किसानों और छोटे व्यापारियों को अपनी उपज व उत्पाद सीधे बड़े बाजारों जैसे कोलकाता, रांची और वाराणसी तक पहुंचाने में सहूलियत होगी. उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के चलते लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत कम होगी और स्थानीय उत्पादों को बेहतर दाम मिल सकेंगे.

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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