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बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था शर्मसार: वैशाली में मौत के बाद एंबुलेंस नहीं मिली, ठेले पर शव ढोने को मजबूर हुआ परिवार

वैशाली में एंबुलेंस व्यवस्था की पोल खुल गई, जब मौत के बाद ठेले पर शव ढोने को परिवार मजबूर हो गया, क्योंकि अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिली. फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद वैशाली के सिविल सर्जन ने कहा कि संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.

Edited By Shailendra
Published: Oct 01, 2026, 10:22 PM IST | Updated: Oct 01, 2026, 10:30 PM IST
Image Credit: मौत के बाद ठेले पर शव ढोने को मजबूर परिवार, अस्पताल से नहीं मिली एंबुलेंस (Z News)
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बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर वैशाली के लालगंज से सामने आई है. यहां अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद उसके परिजनों को शव घर ले जाने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन तक नहीं मिला. मजबूर परिवार उसी ठेले पर शव लेकर घर पहुंचा, जिससे युवक को अस्पताल लाया गया था. घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल तेज हो गए हैं.

गंभीर हालत में उसे ठेले से लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया
यह घटना वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र के कसेरा टोला, वार्ड नंबर 6 की है. मृतक की पहचान 31 वर्षीय मोनू कुमार के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक मोनू घर के पास पानी भरे गड्ढे में गिर गया था. गंभीर हालत में उसे ठेले से लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया.

अस्पताल से नहीं मिली एंबुलेंस
अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जया अमबस्था ने जांच के बाद मोनू को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिजनों ने शव घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस की मांग की, लेकिन आरोप है कि उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया.

मौत के बाद ठेले पर शव ढोने को मजबूर परिवार
आखिरकार परिवार को उसी ठेले पर शव रखकर घर लौटना पड़ा. अब सवाल सिर्फ एक परिवार की मजबूरी का नहीं, बल्कि सरकारी अस्पताल में शव ले जाने की व्यवस्था और एंबुलेंस सुविधा पर भी उठ रहा है.

लालगंज अस्पताल की संवेदनहीनता, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है. लोग मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं. वैशाली के सिविल सर्जन ने कहा है कि जांच में डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही सामने आई तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.

ध्यान दीजिएगा कि बिहार के जगहों से ऐसी तस्वीरें सामने आती रहती हैं, जहां पर अस्पताल से शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलता है, जिसके बाद परिजन किसी तरह से शव को घर लेते हैं. कहीं, ई-रिक्शा से तो कहीं बाइक से शव को ले जाने की खबरें आती रहीं हैं.

रिपोर्ट: राजकुमार सिंह

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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