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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. नीतीश कुमार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की तरफ से गद्दार कहे जाने पर उनकी खूब आलोचना हो रही है. इसी बीच उपेंद्र कुशवाहा के बयान ने विपक्ष के नेतृत्व और उसकी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. RLM सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अगर पिछले लोकसभा चुनाव में विपक्ष नीतीश कुमार को अपना पीएम कैंडिडेट घोषित कर देता, तो विपक्ष काफी मजबूत हो जाता, क्योंकि ऐसा दिख रहा था कि जनता का समर्थन भी नीतीश जी के साथ जा रहा है.
उपेंद्र कुशवाहा का दावा: हार के बाद जागती है कांग्रेस
दरअसल, 1 अक्टूबर, 2026 दिन गुरुवार को सासाराम में RLM सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस पर हमला किया. साथ ही नीतीश कुमार के इंडिया अलायंस मामले को लेकर कहा कि जब युद्ध में हार हो जाती है, उसके बाद कांग्रेस को याद आता है कि कौन सा दांव खेला जाए. कांग्रेस का यही रवैया उसे आज भी काफी पीछे ले गया है. आज कांग्रेस के लोग पूरी तरह से मौका चूक गए हैं.
'अगर नीतीश को PM उम्मीदवार बनाता विपक्ष, तो मजबूत होता इंडी अलायंस'
उन्होंने सासाराम में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एक समय जब नीतीश जी इंडिया अलायंस के साथ थे, उस समय थोड़ी देर के लिए ऐसा लग रहा था कि अगर इंडिया अलायंस नीतीश कुमार जी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना देती, तो विपक्ष काफी मजबूत हो जाता. हालांकि, ऐसा नहीं हुआ. नीतीश जी के इंडी अलायंस में रहने से विपक्ष काफी मजबूत हो जाता, लेकिन इंडी अलायंस ने मौका गंवा दिया. आज कांग्रेस पछता रही है, तो वह पश्चाताप करती रहे.
बता दें कि कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक दिग्विजय सिंह ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन से बाहर जाने से रोकना चाहिए था. इस पर सोनिया गांधी ने बेहद सख्त शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार गद्दार हैं. भगवान का शुक्रिया कि वह समय रहते छोड़कर चले गए, अगर बाद में जाते तो और बुरा होता.
रिपोर्ट: अमरजीत यादव