'चुप न रहें, आवाज उठाएं', मोतिहारी में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों को दी गई पॉक्सो एक्ट की जानकारी
मोतिहारी में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूक किया गया. कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेन्द्र कुमार सिंह एवं पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) उज्ज्वल पांडेय भी उपस्थित रहे.
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में मोतिहारी में बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम में प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी, अभिषेक कुमार दास ने बच्चों को 'लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम' (POCSO Act) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी.
अपने संबोधन में प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश ने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बच्चों को समझाया कि उनकी सुरक्षा, गरिमा और सम्मान सर्वोपरि हैं और किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय वयस्क को अवश्य देनी चाहिए.
उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बच्चों को प्राप्त कानूनी संरक्षण, यौन अपराधों की पहचान, ऐसे मामलों में शिकायत करने की प्रक्रिया और पीड़ित बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है.
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेन्द्र कुमार सिंह एवं पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) उज्ज्वल पांडेय भी उपस्थित रहे. इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवेदनशील एवं प्रेरणादायक रहा. बच्चों को न केवल उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी मिली, बल्कि उन्हें अपने प्रति होने वाले अनुचित व्यवहार को पहचानने, उसके विरुद्ध आवाज उठाने और आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल सुरक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयासरत है. सुरक्षित बचपन अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों को जागरूक बनाकर उनके सुरक्षित भविष्य की नींव मजबूत करना है.
रिपोर्ट: पंकज कुमार