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बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन को ले जाने की तैयारी चल रही है. बाघों के पुनर्वास की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, सुंदरबन टाइगर रिजर्व और बक्सा टाइगर रिजर्व की टीमें मंगलवार को VTR पहुंचेंगी ताकि बाघिन को पकड़ा और वहां ले जाया जा सके. वन विभाग के अनुसार, अभी के प्रस्ताव में VTR से एक बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व भेजने की बात है. हालांकि, अंतिम फैसला नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) से आदेश मिलने के बाद ही लिया जाएगा.
आखिरी फैसला NTCA के निर्देश पर करेगा निर्भर
मिली जानकारी के अनुसार, VTR, सुंदरबन और बक्सा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और देहरादून के वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) के विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम बाघिन को चुनेगी. VTR की किसी खास बाघिन को दूसरी जगह भेजने के लिए उसकी सेहत, उम्र, व्यवहार और वहां जाने के लिए उसकी उपयुक्तता की बारीकी से जांच की जाएगी.
इस बारे में VTR के कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट और डायरेक्टर गौरव ओझा ने कहा कि अभी तो एक बाघिन को दूसरी जगह भेजने का प्लान है. लेकिन आखिरी फैसला NTCA के निर्देश पर निर्भर करेगा. इसीलिए सुंदरबन और बक्सा की टीमें मंगलवार को VTR पहुंच रही हैं. स्थानीय वन विभाग, WII के विशेषज्ञों और सभी संबंधित टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की संयुक्त जांच और स्टडी के बाद ही किसी खास बाघिन को चुना जाएगा.
सुरक्षा और सेहत को दी जाएगी प्राथमिकता
वन संरक्षक (CF) ने बताया कि चुने जाने के बाद, बाघिन को पकड़ने, उसकी मेडिकल जांच करने और उसे बक्सा रिजर्व ले जाने के लिए कदम उठाए जाएंगे. इस ऑपरेशन में पशु चिकित्सक भी शामिल होंगे. खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार की जाएगी और बाघिन की सुरक्षा और सेहत को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी.
VTR, बक्सा, सुंदरबन, WII और NTCA के विशेषज्ञ इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे, जिसमें वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में बाघिन को चुनने से लेकर उसे पकड़ने, मेडिकल जांच करने और बाद में बक्सा ले जाने तक के काम शामिल हैं. VTR में बाघों की आबादी लगभग 70 है, जिसमें बच्चे और वयस्क दोनों शामिल हैं. ऐसे में रिजर्व के 980 वर्ग किलोमीटर के इलाके से एक बाघिन को चुनकर पकड़ने और उसे बक्सा में नई जगह पर ले जाने की योजना पर काम चल रहा है.
रिपोर्ट: इमरान अजीज