बेगूसराय में माओवादी के नाम से धमकी भरे पर्चे मिलने से सनसनी, फुलकारी से वीरपुर तक सड़क किनारे फेंके गए लेटर
माओवादी संगठन के नाम पर बेगूसराय की सड़कों पर पर्चे फेंके गए हैं. धमकी भरे पर्चे मिलने से सनसनी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. फुलकारी से वीरपुर तक सड़क किनारे पर्चे फेंके गए हैं. पर्चे में एक शख्स को हथियार और पैसे न लौटने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है
बेगूसराय में एक बार फिर माओवादी संगठन के नाम से धमकी भरे पर्चे मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. शनिवार सुबह-सुबह सड़क किनारे कई जगहों पर धमकी भरे पर्चे फेंके जाने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. पूरा मामला वीरपुर थाना क्षेत्र का है, जहां फुलकारी से लेकर वीरपुर तक सड़क किनारे अलग-अलग जगहों पर ये पर्चे मिले हैं.
पर्चे मिलने की खबर पूरे इलाके में फैल गई
बताया जा रहा है कि शनिवार की सुबह जब लोग फुलकारी से वीरपुर की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे पड़े पर्चों पर पड़ी. देखते ही देखते पर्चे मिलने की खबर पूरे इलाके में फैल गई और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.
फुलकारी से वीरपुर तक सड़क किनारे फेंके गए पर्चे
मिले पर्चे पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी), उत्तर बिहार मध्य जोनल कमेटी का नाम लिखा हुआ है. पर्चे में अफजल हुसैन उर्फ मुन्ना (पिता- इजराफिल, निवासी- मुबारकपुर फुलकारी, पोस्ट- सरौंजा, थाना- वीरपुर, जिला- बेगूसराय) का नाम दर्ज है.
पर्चे में यह भी लिखा गया है कि पहले भी इस संबंध में नोटिस भेजा गया
धमकी भरे पर्चे में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति को राम-जानकी की मूर्ति के पैसे और पार्टी से लिए गए हथियार लौटाने के लिए बार-बार सूचना दी गई, लेकिन कथित तौर पर अब तक पैसा और हथियार वापस नहीं किया गया. पर्चे में यह भी लिखा गया है कि पहले भी इस संबंध में नोटिस भेजा गया था, लेकिन बार-बार बहाने बनाकर मामले को टाला जा रहा है.
इलाके में भय और चर्चा का माहौल बना
पर्चे में कथित तौर पर अंतिम नोटिस देने की बात कहते हुए धमकी दी गई है कि हथियार और पैसे वापस नहीं मिलने पर कुछ भी हो सकता है. इस तरह की धमकी सामने आने के बाद इलाके में भय और चर्चा का माहौल बना हुआ है.
इधर, पर्चे मिलने की सूचना मिलते ही वीरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पर्चे किसने फेंके और इसके पीछे किन लोगों का हाथ है. फिलहाल पर्चे की सत्यता और माओवादी संगठन से इसके संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
रिपोर्ट: जितेन्द्र कुमार
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