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स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. दाएं हाथ के पेसर ने शुक्रवार (6 नवंबर) को एक वीडियो शेयर कर क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में संन्यास का ऐलान किया. शमी ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. इसके बाद से वो टीम इंडिया से बाहर हैं. वापसी की आस बहुत कम थी और ऐसे में शमी ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेना ही सही समझा.
मोहम्मद शमी दुनिया के उन चुनिंदा गेंदबाजों में से एक हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वो अपने हिसाब से गेंद को नचाते हैं. यूं कहें कि बॉल शमी की बात मानती है. वो गेंद को पिच पर टप्पा खिलाने के बाद सीम कराने में उस्ताद माने जाते हैं. खैर, शमी की गेंदबाजी से तो दुनिया वाकिफ है, इस स्टोरी में हम उनकी बैटिंग के बारे में बताएंगे, जब उन्होंने 'क्रिकेट का मक्का' यानी लॉर्ड्स में अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी.
बात 6 साल पुरानी है. भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में सीरीज का दूसरा टेस्ट खेला गया. इंग्लैंड के तत्कालीन कप्तान जो रूट ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी. टीम इंडिया पहली पारी में 364 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. पहली इनिंग में शमी 0 पर नॉट आउट रहे थे. इसके जवाब में इंग्लैंड ने 391 रनों का स्कोर खड़ा किया और उसे 28 रन की बढ़त मिली. दूसरी पारी में भारत ने 209 रनों पर 8 विकेट खो दिए थे. इसके बाद आया असली ट्विस्ट
जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर मोहम्मद शमी ने इंग्लिश टीम के होश उड़ा दिए. दोनों के बीच 9वें विकेट के लिए 89 रनों की साझेदारी हुई. कहां इंग्लैंड, भारत को ऑलआउट करने के सपने देख रहा था, लेकिन इस जोड़ी ने बैटिंग से ऐसा काम किया कि टीम इंडिया ने पारी घोषित कर इंग्लैंड को उनके गढ़ पर ललकारा. मोहम्मद शमी ने 70 गेंदों पर 56 रनों की शानदार पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 6 चौके और एक छक्का जड़ा. बुमराह ने भी 34 रनों का अहम योगदान दिया. इस पार्टनरशिप ने मैच का रुख ही पलट दिया.
THE ICONIC TEST FIFTY BY MOHAMMED SHAMI AT LORD'S WHEN INDIA NEEDED IT THE MOST.🙇❤️ - One of the Most memorable moments of Mohammed Shami's Test Career..!!! https://t.co/8dHggxTDwN
— Tanuj (@ImTanujSingh) November 6, 2026
जब दूसरी पारी में भारत ने 209 रनों पर 8 विकेट खो दिए थे, तब इंग्लैंड की टीम मजबूत स्थिति में थी. उनका दबदबा था, लेकिन उनके हाथ से मैच कब फिसला पता ही नहीं चला. शमी गेंद से तो ये काम कई बार कर चुके हैं, लेकिन लॉर्ड्स में उन्होंने बल्ले से मैच का रंग-रूप बदल दिया. मैच में शानदार वापसी करते हुए भारत ने इंग्लैंड के सामने 272 रनों का लक्ष्य रखा. इसके जवाब में इंग्लिश टीम महज 120 रनों पर ढेर हो गई. दूसरी पारी में मोहम्मद सिराज ने गेंद से कमाल दिखाते हुए 4 विकेट चटकाए. शमी ने उस मैच में बल्ले से 56 रन बनाए और गेंद से 3 विकेट झटके.
Safed jersey se vida le raha hoon, lekin usse judi yaadon se kabhi nahi… 🇮🇳❤️ Jab pehli baar Bharat ki Test jersey pehni thi, tab sirf ek sapna tha — apne desh ke liye kuch kar dikhane ka.. Uske baad har wicket, har sangharsh, har chot aur har comeback ne mujhe kuch na kuch sikhaya. Test cricket mere liye sirf ek format nahi, meri zindagi ka ek behad khaas hissa raha hai. Aaj bhaari dil aur anginat khoobsurat yaadon ke saath main Test cricket se retirement lene ka faisla kar raha hoon. Is safar mein mera saath dene wale har teammate, coach, family aur un karodon Bharatiyon ka dil se shukriya, jinhone achhe aur mushkil dono waqt mein mujh par bharosa banaye rakha.. BCCI aur Cricket Association of Bengal (CAB) ka bhi dil se shukriya, jinhone mere talent par bharosa kiya, mujhe aage badhne ke mauke diye aur mere cricket ke safar mein ek aham bhoomika nibhayi. Aapka saath aur vishwas mere liye hamesha khaas rahega. Maidan par meri aakhri Test ball bhale hi fenki ja chuki ho, lekin Bharat ke liye khelne ka garv hamesha mere dil mein zinda rahega. Shukriya, Test Cricket. ❤️ Aapka Shami 🇮🇳 #Mdshami11 #Mdshami #TestCricket #Retirement
— 𝕸𝖔𝖍𝖆𝖒𝖒𝖆𝖉 𝖘𝖍𝖆𝖒𝖎 (@MdShami11) November 6, 2026
मोहम्मद शमी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2013 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. ये पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की आखिरी टेस्ट सीरीज भी थी. शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट खेले और 122 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 27.71 की औसत से 229 विकेट चटकाए.57 रन देकर 7 विकेट उनका एक पारी में बेस्ट प्रदर्शन है. दाएं हाथ के स्टार पेसर ने आखिरी टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 में खेला था, जो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच था. इस मैच में टीम इंडिया को हार मिली थी और इसके बाद शमी को टेस्ट में दोबारा मौका नहीं मिला.