बेतिया में पुलिस कस्टडी में दिलशाद अहमद की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. यह मामला अब सियासी रंग ले चुका है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिलशाद अहमद के परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की है और परिजनों को न्याय दिलाने की बात कही है. वहीं, पटना से राजद की पांच सदस्यीय टीम दिलशाद अहमद के यहां पहुंची और परिजनों से मिलकर घटना की पूरी जानकारी ली.
राजद एमएलसी सौरभ कुमार, पूर्व मंत्री शमीम अहमद, पूर्व विधायक राजेंद्र राम, पूर्व विधायक मनोज यादव, पूर्व सांसद अशरफ फातमी समेत राजद के कई नेताओं ने परिजनों से मिलकर उनको सांत्वना दी. दिलशाद अहमद को इंसाफ मिलेगा, इसको लेकर राजद ने बिहार सरकार पर हमला बोला है.
पांच सदस्यीय टीम ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में पुलिस भक्षक बन गई है. दिलशाद अहमद की पुलिस ने बर्बरता से हत्या कर दी है. बिहार में पुलिस से लोग डर रहे हैं, कानून-व्यवस्था की कोई चीज नहीं रह गई है. हम लोग बिहार सरकार से मांग करते हैं कि इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए. सभी दोषी पुलिसकर्मियों का स्पीडी ट्रायल कराकर सजा दिलाई जाए. पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा दिया जाए. एक सरकारी नौकरी दी जाए और त्वरित इस मामले में एसआईटी टीम का गठन किया जाए. राजद नेताओं ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
राजद नेताओं ने बताया कि कल जैसे ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को घटना की जानकारी मिली, तब उन्होंने बेतिया एसपी कुमार गौतम से बात की. तेजस्वी यादव के बात करने के बाद एसपी ने सहोदरा थानाध्यक्ष समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया. पुलिस पूरे मामले को दबाना चाहती थी, लेकिन तेजस्वी यादव ने कहा कि दिलशाद अहमद की पुलिस कस्टडी में हुई मौत का जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक वे लड़ाई लड़ते रहेंगे. आज तेजस्वी यादव ने पटना से पांच सदस्यीय टीम बेतिया भेजी. राजद की पांच सदस्यीय टीम औरैया गांव पहुंची, दिलशाद अहमद के परिवार से मिली, फिर तेजस्वी यादव ने परिवार के लोगों से बात कर इंसाफ दिलाने की बात कही.
रिपोर्ट: धनंजय द्विवेदी