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सिवान में पटाखा विस्फोट में अब पुलिस अधीक्षक (SP) ने दो और लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिससे मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है. इससे पहले केवल तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी. पुलिस को जानकारी मिली है कि यह विस्फोट पटाखों के अवैध निर्माण के दौरान हुआ. इस विस्फोट के सिलसिले में जामो बाजार के थाना प्रभारी (SHO) और एक स्थानीय चौकीदार, चंद्रिका मांझी को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई SP भरत सोनी ने की है. जिलाधिकारी (DM), SP, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) और सिविल सर्जन घटनास्थल पर जांच कर रहे हैं. जांच में एक मेडिकल टीम, दमकल विभाग, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी शामिल है. यह पूरी घटना जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में हुई है.
सिवान जिले में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट के बाद मकान का अगला हिस्सा ढह गया और मलबा सड़क पर बिखर गया. पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है, क्योंकि अभी भी विस्फोट होने की संभावना बनी हुई है. सिवान के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5:20 बजे जामो थाना अंतर्गत आलमपुर गांव, आंद्रू पंचायत में विस्फोट की सूचना मिली थी. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान में पटाखे बनाने के दौरान यह हादसा हुआ.
मरने वालों में सभी एक ही परिवार के थे. अब तक 5 की मौत हुई है. लेकिन ग्रामीणों और मुखिया से मिली जानकारी के अनुसार, परिवार में कुल सात सदस्य थे. एसपी ने बताया कि घटनास्थल पर मेडिकल टीम पहुंच चुकी है. चिकित्सकीय टीम की पुष्टि के बाद ही मृतकों की संख्या के संबंध में पूरी जानकारी दी जा सकेगी. इसके अलावा, फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंच गई है, जो घटनास्थल से नमूने एकत्र करेगी. पुलिस, अग्निशमन विभाग, मेडिकल टीम और बिजली विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं.
घटनास्थल पर पहुंचे भारत सोनी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीणों को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर रहने का अनुरोध किया गया है. उन्होंने कहा कि मकान में विस्फोटक सामग्री मौजूद होने और लगातार धमाके होने के कारण लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पटाखा निर्माण के लाइसेंस को लेकर एसपी ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित परिवार के पास पुराना लाइसेंस था और वह करीब 20 वर्षों से पटाखे बनाने का काम कर रहा था. हालांकि, पुलिस इस दावे का सत्यापन करेगी. उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच की जाएगी कि पटाखे कहां से लाए जाते थे और उनका निर्माण वैध लाइसेंस के तहत हो रहा था या नहीं. एसपी ने यह भी कहा कि इस बार प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) और थाना प्रभारियों (एसएचओ) को लाइसेंस तथा पटाखा निर्माण से जुड़ी गतिविधियों का सत्यापन करने का निर्देश दिया था. इस मामले में सत्यापन के दौरान कोई कमी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं. विस्फोट के वास्तविक कारणों और परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति की जानकारी जांच तथा चिकित्सकीय पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
इनपुट: आईएएनएस