तेजस्वी संग विवाद के बीच मामा साधु यादव से मिलने पहुंची रोहिणी आचार्य: क्या लालू परिवार में नई सियासत का आरंभ हो रहा?
तेजस्वी संग विवाद के बीच रोहिणी आचार्य अपने मामा साधु यादव से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचीं. इस मुलाकात ने आरजेडी और लालू परिवार की राजनीति को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और पूर्व सांसद रोहिणी आचार्य सिंगापुर से करीब एक साल बाद वापस बिहार लौट आई हैं. विधानसभा चुनाव के वक्त भाई तेजस्वी यादव संग उनका विवाद हो गया था. उसके बाद वह सिंगापुर चली गई थीं. अब उनके लौटने के साथ ही राजनीतिक हलकों में राजद और लालू परिवार के भविष्य को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है. इसी बीच, रोहिणी ने पटना में अपने मामा और पूर्व सांसद साधु यादव से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की, जिसके बाद सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं.
रोहिणी ने मामा-मामी के पैर छूए
पटना स्थित आवास पर पहुंचने पर मामा-मामी ने रोहिणी आचार्य का स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने अपनी मामी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उन्हें गले लगाया. इसके बाद उन्होंने अपने मामा साधु यादव के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. साधु यादव ने भी अपनी भांजी को गुलदस्ता भेंट किया और उनका स्वागत किया, जिसके बाद सभी लोग घर के अंदर चले गए.
रोहिणी को मिलेगी राजद की कमान?
मीडिया से बात करते हुए साधु यादव ने कहा कि यह पूरी तरह से एक पारिवारिक मुलाकात थी. उन्होंने कहा कि उनकी भांजी लंबे समय बाद सिंगापुर से लौटी है, इसलिए घर आना और मिलना बेहद स्वाभाविक है. साधु यादव ने इस बात से भी इनकार किया कि इस मुलाकात के दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा हुई है. साथ ही, उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया जिनमें रोहिणी को राजद की कमान सौंपे जाने की बात कही जा रही थी.
छपरा लोकसभा से चुनाव लड़ेंगी रोहिणी!
वहीं, अपनी बहन और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ रिश्तों को लेकर साधु यादव ने कहा कि उनके और परिवार के बीच कोई दूरी नहीं रही है. मुलाकात के दौरान उन्होंने रोहिणी के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया है. साधु यादव ने कहा है कि रोहिणी आने वाले समय में एक बार फिर छपरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी और शानदार जीत दर्ज करेंगी. साधु यादव के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में रोहिणी की राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाओं को और हवा देने का काम किया है.