'बिहार चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा था, ज्ञानेश कुमार सिर्फ नमूना हैं': चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और पीएम मोदी के साथ अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा था.
नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 30 सितंबर, 2026 को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक खत्म हो गई. इस बैठक में चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई. वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने INDIA ब्लॉक की बैठक पर कहा कि SIR की शुरुआत बिहार से ही हुई है और उस समय भी हमने कहा था कि चुनाव को देखते हुए बड़ी साजिश की जा रही है. जिस तरह से खुलासा हुआ है, यह साबित करता है कि बेईमानी और फर्जी तरीके से बंगाल और बिहार का चुनाव करवाया गया.
'ज्ञानेश कुमार केवल नमूना हैं, असली तो पीएम मोदी और अमित शाह हैं'
उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को पहले से ही शंका थी जब कानून और नियम बदले जा रहे थे. ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कानून लाया जा रहा था कि उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकती है... नियमावली बदली गई और चीफ जस्टिस को चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करने वाले पैनल से हटा दिया गया... तब से ही हमारे मन में था कि ज्ञानेश कुमार केवल नमूना हैं. असली काम पीएम मोदी और अमित शाह करवा रहे हैं. आने वाले समय में सच सभी के सामने आएगा.
बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा था: तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि यह लोकतंत्र के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र है और जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें भुगतना पड़ेगा. आज नहीं तो कल इन लोगों को सजा मिलेगी और देश की जनता इन्हें ऐसा सबक सिखाएगी कि दोबारा कोई संविधान या लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके... बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा था... चुनाव आयोग की ओर से सभी चीजों को छिपाया जाता है.
'सम्राट चौधरी कानून से ऊपर हैं?'
जमुई की घटना पर उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही जमुई में जो घटना हुई, पॉक्सो एक्ट कहता है कि उसकी तस्वीर को कोई भी सार्वजनिक नहीं कर सकता है. मुख्यमंत्री करते हैं, अन्य लोगों के खिलाफ FIR होती है, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर नहीं होती. सवाल यह है कि क्या कानून सभी के लिए बराबर है या सम्राट चौधरी कानून से ऊपर हैं?