राघोपुर नाव हादसा: वैशाली DM ने अंचलाधिकारी दीपक कुमार को हटाया, सीओ प्रभात कुमार को मिला प्रभार
Raghopur Boat Accident: राघोपुर नाव हादसे में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. वैशाली डीएम ने अंचलाधिकारी दीपक कुमार को उनके पद से हटा दिया है. बता दें कि इस नाव हादसे में 13 शव बरामद किए थे.
वैशाली जिले के राघोपुर में नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. हादसे के बाद उठ रहे सवालों के बीच डीएम वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचलाधिकारी दीपक कुमार को पद से हटा दिया है. उनकी जगह पातेपुर के अंचलाधिकारी प्रभात कुमार को राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है. दर्दनाक नाव हादसे के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़े हो रहे सवाल
वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने राघोपुर के सीओ दीपक कुमार को पद से हटा दिया है. वहीं, पातेपुर के सीओ प्रभात कुमार को राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. हादसे के बाद प्रशासन का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है. नाव हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में अंचलाधिकारी को हटाने की कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
लापरवाही सामने आती है, तो जवाबदेही तय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जवाबदेही तय की जाएगी. हालांकि, सीओ को हटाने के आदेश में क्या वजह दर्ज की गई है और क्या यह कार्रवाई सीधे हादसे से जुड़ी जिम्मेदारी तय करने के लिए की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है. फिलहाल, राघोपुर नाव हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे जिले में हलचल बढ़ा दी है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि हादसे की जांच में क्या सामने आता है और जवाबदेही तय करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
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इस पूरे मामले को लेकर इससे पहले वैशाली डीएम ने कहा था कि राघोपुर प्रखंड में हुए नाव हादसे में कुल 13 शव बरामद किए गए थे, जिसमें 9 बच्चियां थीं और 4 लड़के थे और 6 लोगों को बचाया गया है. वे सभी सुरक्षित हैं. सरकार द्वारा तय मुआवजा दिया जा चुका है. SOP के अनुसार, सूरज डूबने के बाद नाव का परिचालन नहीं किया जाना चाहिए, चाहे वो सरकारी नाव हो या निजी नाव हो लेकिन इस मामले में हमने देखा कि नाव का परिचालन हुआ था.
उन्होंने आगे कहा था कि यह एक निजी नाव थी. नाव पर बहुत सारे बच्चे सवार थे, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और यह बड़ा हादसा हो गया. इस मामले में नाव का परिचालन हुआ है और इतनी बड़ी क्षति हुई है, तो लापरवाही के लिए अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. हमें मालिक के बारे में जानकारी मिल गई है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.'
रिपोर्ट: राजकुमार सिंह