बैलेट पेपर से चुनाव में जनता ने रिजेक्ट कर दिया, अब किसे ब्लेम करेगी कांग्रेस? संजय कुमार झा ने पीएम मोदी की बात दोहराई
कांग्रेस ईवीएम का सालों से विरोध करती आ रही है और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती है, लेकिन विधान परिषद चुनाव में बैलेट पेपर से ही मत डाले गए और कांग्रेस अपनी ही सीटें हारती चली गई.
जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पीएम नरेंद्र मोदी की बात को दोहराते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री जी ने ठीक ही तो पूछा है कि भाई बैलेट पे चुनाव हुआ, तो जनता सब जगह आपको रिजेक्ट कर दिया. अब इसका ब्लेम किस पर डालोगे? इलेक्शन कमीशन को करेंगे? ज्ञानेश कुमार जी किसको करेंगे?' एक दिन पहले पीएम मोदी ने कहा था, '4 बड़े राज्यों - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में 28 सीटों पर MLC चुनाव हुए. ये चुनाव बैलेट पेपर के ज़रिए कराए गए. अंदाज़ा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?'
संजय कुमार झा ने विधान परिषद चुनावों के नतीजे पर कहा कि देश भर में 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हुए और इनमें से 16 सीटें एनडीए ने जीत ली. कांग्रेस का क्या हाल रहा, वो आप सब जानते हैं. कर्नाटक में कांग्रेस अपनी सिटिंग सीट हार गई और बिहार में भी वह सिटिंग सीट हार चुकी है. प्रधानमंत्री जी ने ठीक ही तो पूछा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जनता को विश्वास ही नहीं बचा है.
उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं, चुनाव दर चुनाव, आप सब देख रहे हैं कि जो रिजेक्शन इनका शुरू हुआ है, कहीं से कोई इनको होप मिल नहीं रहा है. देश में अराजकता फैलाना, दुनिया में जो चल रहा है आजकल, आप लोग फ्रांस में देखें कैसे माहौल बना दिया.
संजय कुमार झा ने कहा कि इस देश में तो यह नहीं ना हो सकता है भाई, जो आप करना चाहते हैं कि अराजकता फैला कर सत्ता पर बैठने की मंशा पाले हुए हैं. इनकी नजर में देश की कोई अहमियत नहीं है. जनता के वोट से आप बैठ नहीं सकते, तो अराजकता लाओ और झूठ फैलाओ. ये चुनाव इंडिकेशन है कि किसी भी तरह का चुनाव होगा, चाहे बैलेट से हो या ईवीएम से हो, वोटवा मिलेगा तब ना आप जीतिएगा.
बता दें कि देशभर में 28 सीटों पर हुए विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को मात्र एक सीट हासिल हुई है. महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक सीट से कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने जीत हासिल की है. बाकी 27 सीटों पर उसे मात खानी पड़ी है. कर्नाटक में वह अपनी ही सीट हार गई है और बिहार में भी दरभंगा शिक्षक सीट भी वह गंवा बैठी है.