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सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला. छपरा में शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री के लिए अनपढ़ और अपराधी जैसे विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की सत्ता अनपढ़-अपराधी व्यक्ति के हाथों में सौंप दी गई है. प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से सातवें वेतनमान के लिए मतदान करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री को पद से हटाने के उद्देश्य से भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की.
प्रशांत किशोर ने सातवें वेतनमान के मुद्दे पर सरकार को घेरा
शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने सातवें वेतनमान के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि जन सुराज ने शिक्षकों के सातवें वेतनमान की मांग को प्रमुखता से उठाया है, जिसके कारण यह मुद्दा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में चर्चा के केंद्र में आ गया है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार अगले साल शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने का दावा कर रही है, तो इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए.
'जन सुराज ने चुनाव से पहले सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी ली'
प्रशांत किशोर ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि जन सुराज ने चुनाव से पहले सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वेतनमान का मुद्दा केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए.
'बीजेपी नेतृत्व पर मुख्यमंत्री को लेकर दबाव'
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री के एक बयान का हवाला देते हुए जाति, धर्म और गमछा देखकर गोली मारने जैसी टिप्पणी पर सवाल उठाए. प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में चुनावी हार का जिक्र करते हुए सम्राट चौधरी की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी नेतृत्व पर मुख्यमंत्री को लेकर दबाव है.
'मताधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए'
प्रशांत किशोर ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को शिक्षकों के अधिकारों और सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए. उन्होंने जाति और धर्म से ऊपर उठकर मतदान करने की अपील की तथा दावा किया कि इस चुनाव में जन सुराज और एनडीए के बीच सीधी लड़ाई है.
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत हमले किए
उन्होंने शिक्षकों से सातवें वेतनमान की मांग के साथ-साथ सरकार के कामकाज पर भी अपना मत व्यक्त करने को कहा. अपने संबोधन में प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत हमले के साथ शिक्षक हितों और सरकार की नीतियों को चुनावी बहस के प्रमुख मुद्दों के रूप में पेश किया.
रिपोर्ट: राकेश सिंह