'अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सबूत नहीं': नीट छात्रा मौत केस में CBI ने सौंपी क्लोजर रिपोर्ट, कोर्ट में अब 6 नवंबर को सुनवाई
पटना नीट छात्रा मौत के मामला में सीआबीआई को आरोपियों को खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले, जिसके आधार पर उनके खिलाफ केस चलाया जा सके. कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक बहस चली. वहीं, पीड़ित पक्ष के वकील ने कहा कि CBI ने जल्दबाजी में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है.
नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में 13 अक्टूबर, 2026 दिन मंगलवार को पटना की विशेष पॉक्सो अदालत में सुनवाई हुई. सीबीआई की ओर से दाखिल 500 पन्नों की क्लोजर रिपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक बहस चली. सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 6 नवंबर, 2026 निर्धारित की है.
CBI को नहीं मिले ठोस साक्ष्य, कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल
दरअसल, सीबीआई ने 6 अक्टूबर को साक्ष्य नहीं मिलने का हवाला देते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं.
मृतका की मां और परिवार के अन्य सदस्य भी अदालत पहुंचे
सुनवाई के दौरान सीबीआई के अनुसंधानकर्ता और मामले की एसआईटी प्रमुख सचिवालय एसडीपीओ-1 डॉ. अनु कुमारी मौजूद रही. वहीं, मृतका की मां और परिवार के अन्य सदस्य भी अदालत पहुंचे.
CBI ने जल्दबाजी में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, पीड़ित पक्ष के वकील का दावा
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने जल्दबाजी में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने में हुई कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
कोर्ट में अब 6 नवंबर को सुनवाई
अधिवक्ता राजेश कुमार शर्मा ने जांच की दिशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आत्महत्या का तर्क तथ्यों से परे है और लगाए गए आरोपों की समुचित जांच नहीं हुई है. अब इस मामले में 6 नवंबर को अगली सुनवाई होगी.
क्या है पूरा मामला, यहां जानिए
बता दें कि जहानाबाद की रहने वाली NEET छात्रा 5 जनवरी, 2026 को पटना के शंभू हॉस्टल पहुंची थी. 6 जनवरी, 2026 को छात्रा शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी. 17 वर्षीय छात्रा के पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने 9 जनवरी को केस दर्ज किया था. 13 फरवरी, 2026 को बिहार सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी. सीबीआई ने इस मामले में 6 अक्टूबर, 2026 को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी.
रिपोर्ट: प्रकाश सिन्हा