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अब रोहिणी आचार्य ही राजद का बेड़ा पार कर सकती हैं, रामकृपाल यादव का बड़ा बयान

रोहिणी आचार्य के सिंगापुर से बिहार आने के बाद से राजनीतिक कयासबाजी का दौर चल रहा है. रोहिणी ने पटना आने के बाद अपने मामा से भी मुलाकात की, जिसमें उन्होंने छपरा से फिर से चुनाव लड़ने की बात कही. हालांकि, रोहिणी कहती हैं कि पिता लालू प्रसाद यादव के बुलावे पर वो पटना आई हैं.

अब रोहिणी आचार्य ही राजद का बेड़ा पार कर सकती हैं, रामकृपाल यादव का बड़ा बयान
Image Credit: रामकृपाल यादव ने रोहिणी आचार्य को लेकर बड़ी बात कह दी है. (File Photo)

भाजपा नेता और बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य अब राजनीतिक रूप से परिपक्व हो चुकी हैं. उन्होंने छपरा में चुनाव भी लड़ा है और राजनीति को समझने का उन्हें अनुभव मिला है. उन्होंने राजद को निशाना बनाते हुए कहा कि पार्टी का जनाधार अब पहले जैसा नहीं रह गया है. राजद धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और ऐसे में रोहिणी आचार्य उसके लिए सहारे की भूमिका निभा सकती हैं.

तेजस्वी यादव और विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर रामकृपाल यादव ने कहा कि उनके पास अब जनता के बीच जाने के लिए मुद्दों की कमी हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है.

उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं तो फिर जिन-जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां के परिणामों पर भी सवाल उठाने होंगे. रामकृपाल यादव ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के सम्मान की बात कही और कहा कि अराजकता की स्थिति पैदा नहीं की जानी चाहिए.

रामकृपाल यादव ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा, भारतीय जनता पार्टी को गलत बताने के बजाय विपक्ष को अपने राजनीतिक आचरण और नीतियों पर विचार करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व में देश और बिहार में विकास का काम हो रहा है.

लालू प्रसाद यादव के संबंध में पूछे गए सवाल पर रामकृपाल यादव ने कहा कि उनकी राजनीतिक तुलना किसी से नहीं की जा सकती, लेकिन अब वे उम्रदराज हो चुके हैं. उन्होंने RJD के चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए पार्टी के भविष्य पर सवाल उठाए और कहा कि आने वाले समय में पार्टी की स्थिति और कमजोर हो सकती है.

रोहिणी आचार्य और उनके मामा साधु यादव की मुलाकात पर रामकृपाल यादव ने कहा कि यह परिवार का मामला है. उन्होंने कहा कि मामा-भगिनी का रिश्ता है, इसलिए रोहिणी का अपने मामा से मिलने जाना स्वाभाविक है. हालिया रिपोर्ट में भी रामकृपाल यादव के हवाले से इसी तरह की टिप्पणी सामने आई है.

रामकृपाल यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में रोहिणी आचार्य की भूमिका और RJD के अंदरूनी समीकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

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