बिहार में जमीन सर्वे में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: हर सोमवार को होगी समीक्षा, लापरवाही पर सीधे नापेंगे अफसर!
बिहार में जमीन सर्वे में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब हर सोमवार को समीक्षा की जाएगी. इस साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मैदानी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की मॉनिटरिंग होगी.
बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण के काम में तेजी लाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने हाल ही में उच्च अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें लखीसराय, जहानाबाद, अरवल और सीतामढ़ी सहित पांच जिलों में सर्वेक्षण कार्य पूरा कर जल्द से जल्द उसका नोटिफिकेशन जारी करने पर विशेष जोर दिया गया.
हर सोमवार होगी मौजा स्तर तक समीक्षा
सर्वेक्षण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सुस्ती या कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मिली जानकारी के अनुसार, इसके लिए विभाग ने एक सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है. अब हर सोमवार शाम को मंत्री स्तर पर पूरे बिहार में मौजा स्तर तक सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इस साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मैदानी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की मॉनिटरिंग की जाएगी. इस दौरान यदि किसी काम में लापरवाही या सुस्ती पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी.
पारदर्शी होगी मिल्कियत और घटेंगे विवाद
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फेज-1 और फेज-2 के तहत चल रहे भूमि सर्वेक्षण के कार्यों को तय समयसीमा के भीतर गति दी जाए. सरकार का मुख्य उद्देश्य इस प्रक्रिया के जरिए जमीन से जुड़े पुराने विवादों और उनसे उपजे अपराधों पर अंकुश लगाना है. सर्वेक्षण पूरा होने से राज्य के रैयतों (जमीन मालिकों) को पारदर्शी और पुख्ता तरीके से उनकी जमीन की सही मिल्कियत मिल सकेगी.
शुद्धता और पारदर्शिता में नहीं होगा समझौता
इसके साथ ही, सरकार ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया है कि सर्वेक्षण की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ भूमि अभिलेखों (लैंड रिकॉर्ड्स) की शुद्धता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए, ताकि भविष्य में जमीनी विवादों की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो सके.
रिपोर्ट: शिवम राज