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पढ़ें चिट्ठी का पूरा मजमून: 10 जनवरी, 2017 को नीतीश कुमार ने विधि आयोग को खत लिखकर किया था यूसीसी का विरोध

मोदी 3.0 में ऐसा पहली बार हुआ है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर जनता दल यूनाइटेड की ओर से इतना तगड़ा रिएक्शन दिया गया. चाहे श्याम रजक हों, नीरज कुमार हों या फिर नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, सभी के तेवर यूसीसी के खिलाफ रहे हैं.

पढ़ें चिट्ठी का पूरा मजमून: 10 जनवरी, 2017 को नीतीश कुमार ने विधि आयोग को खत लिखकर किया था यूसीसी का विरोध
Image Credit: 10 जनवरी, 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधि आयोग को खत लिखकर यूसीसी का विरोध किया था.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो दिन पहले समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के 21 एनडीए शासित राज्यों में इसे लागू कर दिया जाएगा. अमित शाह का इतना कहना था कि बिहार की राजनीति में इसे लेकर उबाल आ गया. जनता दल यूनाइटेड ने समान नागरिक संहिता का विरोध शुरू कर दिया और इसके लिए नीतीश कुमार के पूर्व में दिए गए बयानों का हवाला भी दिया. पार्टी नेता श्याम रजक ने नीतीश कुमार के 2017 और 2023-24 में दिए गए बयानों को आधार बनाते हुए कहा कि यूसीसी राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा है, लेकिन बिहार में इसे लागू नहीं किया जाएगा. 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समान नागरिक संहिता का विरोध करते हुए विधि आयोग के अध्यक्ष को एक खत भी लिखा था. आइए, उस खत के मजमून पर एक नजर डालें:

Nitish Kumar Letter to Law Commission AI Generated


नीतीश कुमार ने यह भी कहा था कि यूसीसी को सुधारात्मक उपाय के रूप में देखना चाहिए, जो लोगों के कल्याण के लिए हो. इसे लोगों की इच्छाओं के खिलाफ और बिना व्यापक विचार-विमर्श के जल्दबाजी में थोपा जाने वाला राजनीतिक साधन नहीं बनाया जाना चाहिए. अल्पसंख्यकों की सहमति और व्यापक परामर्श के बिना समान नागरिक को लागू करने के किसी भी प्रयास से सामाजिक असंतोष पैदा हो सकता है और धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी में लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है.

अमित शाह ने क्या कहा था?

यह भी जान लेते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता को लेकर क्या बातें कही थीं. उन्होंने कहा था कि साल 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी 21 राज्य एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पूरे देश के लिए एक कानून लागू करने बजाय इसे राज्यों के स्तर पर लागू करने की रणनीति पर हम काम कर रहे हैं. उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्य इस दिशा में पहले ही कदम उठा चुके हैं.

उसके बाद श्याम रजक ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हमारे सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार ने यह तय कर दिया था कि बिहार राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा. आज भी हम उसी स्टैंड पर कायम हैं और  बिहार में किसी भी कीमत पर यूसीसी लागू नहीं होगा.

हालांकि, एक दिन पहले मंगलवार को जनता दल यूनाइटेड की ओर से बिहार में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि जब समान नागरिक संहिता के प्रावधान सामने आएंगे, तब इसका अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद इस पर प्रतिक्रिया दी जाएगी. अभी तक तो प्रावधान ही सामने नहीं आया है. उन्होंने यह भी कहा कि हमारे कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा जी इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री जी से बात करेंगे.

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About the Author

Sunil Mishra

Sunil Mishra

इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
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