मुजफ्फरपुर दाखिल-खारिज फर्जीवाड़ा: मुशहरी के निलंबित CO महेंद्र शुक्ला और RO गिरफ्तार, दो और कर्मचारियों की तलाश
मुशहरी के सस्पेंड किए गए CO महेंद्र कुमार शुक्ला और रेवेन्यू ऑफिसर करुण करण को जमीन के म्यूटेशन में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़्तार किया गया है. देर शाम उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और पुलिस अब इस घोटाले में शामिल दो रेवेन्यू कर्मचारियों की तलाश कर रही है.
मुजफ्फरपुर के मुशहरी अंचल से जुड़े कथित जमीन के दाखिल के फर्जीवाड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. निलंबित अंचलाधिकारी ( CO ) महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण करण को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह कार्रवाई अहियापुर थाना की पुलिस ने की है. यह मामला एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी की 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन के कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज कराने से जुड़ा है. इस मामले को लेकर LJP(R) से जुड़े बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के भाई समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. गिरफ्तारी के बाद दोनों अधिकारियों को देर शाम सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई. इसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे दिया है.
जानें क्या है पूरा मामला?
वहीं, पुलिस इस फर्जीवाड़े में शामिल दो राजस्व अधिकारियों की तलाश कर रही है. साथ ही, जमीन के दस्तावेजों की प्रामाणिकता, राजस्व रिकॉर्ड में कथित बदलाव और दाखिल-खारिज प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. बता दें कि पूरा मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के शहबाजपुर निवासी विजय कुमार की पुश्तैनी जमीन से जुडा है. विजय कुमार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार में अवर सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. उनकी शिकायत के अनुसार, उनके परिवार की 70 डिसमिल जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे लोगों के नाम दर्ज कराने की कोशिश की गई.
दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन के स्वामित्व से जुड़े पुराने दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलवाने की प्रक्रिया अपनाई गई. यह सब मुसहरी के CO और RO के मिली भगत से हुआ, जिसके बाद अहियापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. विजय कुमार के अनुसार, वैशाली जिला के सदर थाना सेलमपुर निवासी कृष्णनंदन पासवान ने उसके पुस्तैनी जमीन का खरीदार होने का दावा किया था. विजय कुमार की शिकायत के मुताबिक, संबंधित दस्तावेज संख्या की जांच में वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज मिली. इसी आधार पर जमीन से जुड़े दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए.
म्यूटेशन की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप
मामला संज्ञान में आने के बाद मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने पूरे मामले को लेकर मुसहरी के तत्कालीन अंचल अधिकारी महेंद्र शुक्ला का पूरा काला चिट्ठा सरकार को भेजा था. इसके बाद सरकार के द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए मुसहरी के तत्कालीन अंचला अधिकारी महेंद्र शुक्ला को चार दिन पहले निलंबित कर दिया गया था. मुसहरी अंचल के जुड़े जमीन से संबंधित दस्तावेजों और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी करने का आरोप CO पर लगाया था. इससे पहले भी दाखिल-खारिज से जुड़े एक अन्य मामले में आरोप सामने आए थे, जिसके बाद अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला को निलंबित किया गया है.
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आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पूरे मामले में साईबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि बेलसंड के लोजपा विधायक अमित कुमार रानू के भाई सोनू सिंह उर्फ अर्णव समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई. इसमें बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू के भाई अभिनव सिंह उर्फ अर्णव, तत्कालीन अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला, राजस्व अधिकारी करुण करण, कर्मचारी अनुज कुमार के साथ अंचल से जुड़े कर्मचारी समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इन सभी पर जमीन का फर्जीवाड़ा कर एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप है.
रिपोर्ट: मणितोष कुमार