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Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां DRI और बिहार STF की संयुक्त टीम ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल के एक गांव में छापेमारी कर 5.14 किलोग्राम चरस के साथ एक महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. जब्त चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5.14 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. वहीं, सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हैं.
नेपाल से रक्सौल के रास्ते भारत आने वाली थी चरस की खेप
दरअसल, DRI मुजफ्फरपुर और बिहार पुलिस की STF ने एक संयुक्त अभियान में नेपाल मूल की चरस जब्त की है. इस मामले में नेपाल के सप्लायर और कथित मास्टरमाइंड लक्ष्मण साव तथा उसकी महिला सहयोगी मीरा देवी को गिरफ्तार किया गया है. नशामुक्त भारत अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. बिहार STF को इनपुट मिला था कि नेपाल से रक्सौल के रास्ते ड्रग्स की एक बड़ी खेप भारत में आने वाली है. DRI और STF की टीम ने भारत-नेपाल सीमा के संवेदनशील इलाकों में पांच दिनों तक निगरानी की.
रक्सौल के गांव में छापेमारी
9 अक्टूबर की देर रात टीम को सूचना मिली कि रक्सौल के एक गांव स्थित घर में भारी मात्रा में चरस छिपाकर रखी गई है और वहां गिरोह का मास्टरमाइंड भी मौजूद है. इसके बाद 10 अक्टूबर की सुबह DRI, STF और स्थानीय पुलिस की टीम ने संबंधित ठिकाने पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान घर से 10 पैकेटों में रखी 5.14 किलोग्राम चरस बरामद की गई. मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि नेपाल से लाई गई चरस की खेप मध्य प्रदेश के इंदौर में सप्लाई की जानी थी.
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी दी गई है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच करने और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने में जुटी हैं.
रिपोर्ट: मणितोष कुमार