मोतिहारी का अभिषेक असम से गिरफ्तार: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए कर रहा था जासूसी, सेना की जानकारी भेजने का आरोप
पाकिस्तान कनेक्शन में असम STF ने बड़ी कार्रवाई की है. एटीएफ ने बिहार के मोतिहारी के अभिषेक गिरफ्तार को सेना की जासूसी मामले में गिरफ्तार किया है. अब मामले की जांच NIA को सौंपने की तैयारी हो रही है.
असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सेना की 'गजराज इंटेलिजेंस यूनिट' और केंद्रीय एजेंसियों से मिले सटीक इनपुट के आधार पर गुवाहाटी के सतगांव (गांधीनगर) इलाके में एक किराए के मकान से अभिषेक कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है.
पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप
अभिषेक कुमार सिंह पर आरोप है कि वह सक्रिय रूप से पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव (PIO/ISI नेटवर्क) के संपर्क में था. वह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और भारतीय सेना के जवानों व उनकी मूवमेंट की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था.
हनी-ट्रैप की आशंका
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के हनी-ट्रैप का शिकार हुआ था.
आपत्तिजनक सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अभिषेक के पास से मोबाइल फोन, कई अलग-अलग सिम कार्ड और देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील और प्रतिबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं.
दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए असम एसटीएफ ने बिहार के ही बेगूसराय के रहने वाले एक अन्य व्यक्ति रितेश कुमार सिंह (39 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया है. वह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था और इस नेटवर्क में अभिषेक की मदद कर रहा था.
केंद्रीय एजेंसी (NIA) को सौंपने की तैयारी
असम पुलिस (STF) ने फिलहाल आधिकारिक मामला दर्ज कर शुरुआती जांच शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि मामले की संवेदनशीलता और अंतरराष्ट्रीय (पाकिस्तान) कनेक्शन को देखते हुए इस पूरे नेटवर्क की जांच आगे केंद्रीय जांच एजेंसी (जैसे NIA या अन्य सेंट्रल एजेंसी) को सौंपी जा रही है, ताकि इसके पीछे की बड़ी साजिश और फंडिंग का पर्दाफाश किया जा सके.
असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की ओर से गुवाहाटी से उसकी गिरफ्तारी के बाद मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मोतिहारी पुलिस इस मामले को लेकर पूरी तरह अलर्ट है. अभिषेक के स्थानीय और पुख्ता पते के भौतिक सत्यापन (Verification) के लिए मोतिहारी पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं. वे असम पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं.
रिपोर्ट: पंकज कुमार