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टूटे शीशे, टूटे दरवाजे, बजट धुआं-धुआं... जानिए वैशाली में कैसे 9 लाख का सरकारी भवन बना नशे का अड्डा

वैशाली में 9 लाख का मनरेगा भवन नशेड़ियों का अड्डा बन गया है. निर्माण के डेढ़ साल में दरवाजा टूटा गया है. कर्मियों ने इस्तेमाल नहीं किया है. प्रशासन की लापरवाही से सरकारी भवन भूतबंगला बना गया है.

टूटे शीशे, टूटे दरवाजे, बजट धुआं-धुआं... जानिए वैशाली में कैसे 9 लाख का सरकारी भवन बना नशे का अड्डा
Image Credit: वैशाली का मनरेगा भवन कर्मचारियों की बेरुखी से हुआ जर्जर (Photo- Z)

वैशाली में सरकारी सिस्टम की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. करीब 9 लाख रुपए की लागत से बना मनरेगा भवन अब नशेड़ियों और आवारा कुत्तों का अड्डा बन गया है. जिस भवन में मनरेगा कर्मियों को बैठकर ग्रामीणों के लिए काम करना था, वहां सिगरेट के पैकेट और कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है. सवाल ये कि आखिर सरकारी पैसे से बना भवन इस्तेमाल में आने से पहले ही बदहाल कैसे हो गया?

वैशाली के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड के नगवां पंचायत का मामला

दरअसल, मामला वैशाली के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड के नगवां पंचायत का है. बताया जा रहा है कि साल 2025 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान यहां करीब 9 लाख रुपए की लागत से मनरेगा भवन का निर्माण कराया गया था. मगर, निर्माण के बाद मनरेगा कर्मियों ने अपना कार्यालय इस भवन में शिफ्ट ही नहीं किया. देखते ही देखते लाखों की लागत से बना भवन वीरान हो गया.

परिसर में घूमती नजर आती है आवारा कुत्तों की टोली

बताया जा रहा है कि निर्माण के बाद मनरेगा कर्मियों ने अपना कार्यालय इस भवन में शिफ्ट ही नहीं किया. अब हालात ये हैं कि भवन में नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है, जबकि परिसर में आवारा कुत्तों की टोली घूमती नजर आती है. यहां पर जो भी आता है वह भवन की बदहाली को साफ दिखता है. 

कमरे के अंदर सिगरेट के पैकेट और कई सामान बिखरे पड़े

मनरेगा भवन का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ है. खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हैं. भवन के आगे मिट्टी का टीला बना है, जबकि प्रांगण भी धंस चुका है. कमरे के अंदर सिगरेट के पैकेट और कई सामान बिखरे पड़े हैं. इसका मतलब हुआ कि जिस भवन में सरकारी योजनाओं का काम होना था, वहां अब नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है.

आसपास के लोगों में भी असुरक्षा का माहौल

खैर, सरकार ने जनता के खून-पसीने के पैसे से 9 लाख की लागत मनरेगा भवन को खड़ी कर दी. मगर, इसके रखरखाव या सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया. प्रशासन की अनदेखी के कारण यह परिसर अब शाम ढलते ही नशेड़ियों का नशा का अड्डा बना जाता है, जिससे आसपास के लोगों में भी असुरक्षा का माहौल है.

संवाददाता राजकुमार सिंह की ग्राउंड रिपोर्ट

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Shailendra

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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