आरक्षण पर मंत्री दिलीप जायसवाल का बड़ा बयान, भाई वीरेंद्र बोले- किसी में समाप्त करने की हिम्मत नहीं
आरक्षण के मुद्दे पर देश में एक बार फिर से बहस शुरू हो गई है. आरक्षण की समीक्षा करने को लेकर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों में काफी भ्रम देखने को मिल रहा है. वहीं, इस मामले पर आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने साफ कहा कि किसी में भी आरक्षण को समाप्त करने की हिम्मत नहीं है.
आरक्षण के मुद्दे पर देश में एक बार फिर से बहस शुरू हो गई है. बिहार में इस मुद्दे पर काफी सियासत देखने को मिल रही है. इस मुद्दे पर एनडीए में शामिल केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बीच ही बयानबाजी देखने को मिल रही है. दोनों नेताओं के आपस में भिड़ने के बाद अब भाजपा के दिग्गज नेता और बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है. आरक्षण की समीक्षा के मुद्दे पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों में काफी भ्रम देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों के बीच एक भ्रम है कि आरक्षण में संशोधन या आरक्षण की समीक्षा का मतलब आरक्षण को खत्म करना है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है.
उन्होंने कहा कि समीक्षा का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, जिन्हें इसकी जरूरत है. जब उनसे पूछा गया कि क्या क्रीमी लेयर में आने वाले संपन्न लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की चिंता अपनी-अपनी जगह पर सही है. जीतन राम मांझी आरक्षण की समीक्षा की मांग कर रहे हैं ताकि जिन लोगों तक अब तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाया है, उन्हें इसका फायदा मिल सके. वहीं, चिराग पासवान को आशंका है कि समीक्षा के नाम पर कहीं आरक्षण को ही खत्म न कर दिया जाए, उनका यह कंसर्न भी अपनी जगह सही है.
वहीं, इस मामले पर आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने साफ कहा कि किसी में भी आरक्षण को समाप्त करने की हिम्मत नहीं है. भाई वीरेंद्र ने साफ कहा कि आरक्षण और बाबा साहब के संविधान को खत्म करने की हिम्मत किसी माई के लाल में नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर आरक्षण खत्म करने की कोशिश हुई तो हम चुप नहीं बैठेंगे. हम राजनीति किसलिए कर रहे हैं? आरक्षण और संविधान को बचाए रखने के लिए हम जान की बाजी लगा देंगे, लेकिन इसे समाप्त नहीं होने देंगे. वहीं, डस्टबिन घोटाला को भाई वीरेंद्र ने चारा घोटाले से भी बड़ा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस डस्टबिन की वास्तविक कीमत 500 से 600 रुपये है, उसे 15,000 रुपये से अधिक की कीमत पर खरीदा गया है.
भाई वीरेंद्र का इसे बड़ा भ्रष्टाचार करार दिया. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के नेता आदरणीय लालू प्रसाद यादव जी को तो एक साज़िश के तहत चारा घोटाले में फंसाया गया था, लेकिन आज जो डस्टबिन घोटाला हुआ है, वह उससे भी कहीं बड़ा है. ताज्जुब की बात यह है कि इतने बड़े घोटाले पर न तो कोई नेता बयान दे रहा है और न ही कोई टीवी चैनल इसे दिखा नहीं रहा है.