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मर्द-औरत बनकर शराब की तस्करी हो रही, पता नहीं कहां-कहां छिपाकर लाया जा रहा, कठोर कार्रवाई कीजिए: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

शराबबंदी और सूखा नशा को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिस तरह से कठोर रुख अपनाया है, वो निश्चित रूप से काबिल ए तारीफ है. इस समय सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सूखे नशे के फैलते जाल पर अंकुश लगाना है.

Reported By Zee Bihar Network Edited By Sunil Mishra
Published: Oct 27, 2026, 03:42 PM IST | Updated: Oct 27, 2026, 03:49 PM IST
Image Credit: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (File Photo)
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पटना: नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार से नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की. 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इस दौरान नशा मुक्ति प्रचार रथ को रवाना भी किया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम में मौजूद सभी को नशामुक्त​ बिहार की शपथ दिलाई. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, मर्द और औरत बनकर शराब की तस्करी की जा रही है. ट्रैक्टर में और पता नहीं, कहां-कहां छिपाकर लाया जा रहा है. 37 लाख लीटर से अधिक शराब पकड़े जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का उपयोग करके तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कीजिए. 20 गुना अधिक केस हो रहा है. भारत सरकार भी सख्त है. हमलोग भी कार्रवाई कर रहे है. प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री जी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को मैं इस शराबबंदी के लिए बधाई देता हूं.

उन्होंने कहा कि इतना अधिक राजस्व हानि के बाद भी नीतीश कुमार ने इसे लागू किया था. उनके राजनीतिक जीवन का एक बड़ा फ़ैसला था. इसको और आगे बढ़ाना है. निचले स्तर तक इसको पहुंचाना है. इस शराबबंदी ​अभियान से जीविका दीदियों से भी जोड़ा जाए. उन्होंने यह भी कहा कि 15 लाख लोगों को इस अभियान से जोड़ा गया है. इस लक्ष्य को और बड़ा करना पड़ेगा.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी हुई तो सूखा नशा पैर पसारने लगा है. हेरोइन 65 KG तक जब्त किया गया है. अफीम भी पहले से अधिक पकड़ी जा रही है. शराब के बाद लोग दूसरे विकल्प ढूंढने लगे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हमलोगों ने 8 जिलों को चिन्हित किया है, जिसमें पटना, आरा, वैशाली और समस्तीपुर को मुख्य रूप से टारगेट किया जा रहा है. इन जिलों में सूखा नशा का प्रचलन ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त बिहार का अभियान इसलिए चलाना है कि आने वाली पीढ़ी कैसे आगे बढ़े, इस पर काम करना है. 2016 में नीतीश कुमार जी ने इस अभियान को शुरू किया था और पिछले 10 साल में इसमें बहुत बदलाव हुए हैं. यहां DGP बैठी हैं. ADG मद्य निषेध बैठे हैं. इस सेक्टर में जितना कमर तोडना है, कार्रवाई करना है, कीजिए. कठोर करावाई कीजिए. मजबूती से इसपर प्रहार कीजिए. उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय देना है. इसलिए विद्यार्थी सहयोग शिविर के जरिये अपनी परेशानी जाहिर कीजिए. हमलोग कार्रवाई करेंगे. इस अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक ले जाइए.

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