UCC पर जेडीयू की प्रेस कांफ्रेंस: बिल आने दीजिए, उसके बाद गृह मंत्री अमित शाह जी से चर्चा होगी, बोले विजय चौधरी
यूसीसी पर एनडीए में मचे बवाल के बीच बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करके जेडीयू की स्थिति साफ करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि अभी तक तो बिल के प्रावधान भी हमें नहीं पता तो फिर विरोध किस बात का?
समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी का बयान हमलोग सुने हैं और पढ़े हैं. इसको लेकर क्या प्रावधान किए जाएंगे, इस बारे में अभी तक कोई दस्तावेज सामने नहीं आया है. बिहार के डिप्टी सीएम और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि UCC किस रूप में आएगा... हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा जी ने बता दिया है कि प्रावधानों को देखने के बाद गृह मंत्री अमित शाह जी से इस बारे में चर्चा होगी. हमारी पार्टी में भी इस पर विमर्श होगा. फिर कोई फैसला होगा.
विजय कुमार चौधरी ने कहा:
बिल आने दीजिए, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. उसके बाद ही गृह मंत्री जी से इस पर चर्चा होगी. पार्टी में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. अगर कोई परेशानी होगी तो गृह मंत्री जी से बातचीत होगी. तब हमलोग अनुरोध करेंगे कि उसको दूर किया जाए. अभी तो प्रावधान की ही जानकारी नहीं है. इसलिए अभी हम लोगों का कोई स्टैंड नहीं है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि हमलोग चाहेंगे कि बिल ऐसा हो कि हमारे लिए भी उसमें बात हो. गठबंधन दलों की सोच क्या है, हमलोगों की सोच क्या है, बिल अगर केंद्र सरकार या राज्य सरकार लाती है तो सबसे पहले उसके प्रावधानों का अध्ययन होगा. उसमें अगर विवाद का विषय नहीं होगा तो विरोध क्यों होगा? अगर होगा तो गृह मंत्री जी से कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बात करेंगे.
भाई वीरेंद्र के नीतीश कुमार को ऑफर देने को लेकर उन्होंने कहा कि यह उनकी बात है. हमलोगों के यहां ऐसी बात नहीं है. JDU के नाम बदलने को लेकर चौधरी ने कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष जी का सुझाव है, जिसके बारे में राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद में अंतिम निर्णय होगा.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय टीम बिहार में बाढ़ का जायजा लेगी. हमलोग केंद्र को लेकर आस में हैं. टीम आ रही है वह स्वयं देख लेंगे. हमलोगों का जितनी क्षति हुई है, उस हिसाब से मदद मिले. हमारे अभियंताओं ने आकलन किया है. अभी तक के इतिहास में गंगा नदी में पानी सबसे ऊपर गया है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने सभी को राहत देने की बात कही है. लगभग 8.5 लाख परिवारों को डीबीटी के माध्यम से ₹7000 हर परिवार को दिए जा रहे हैं. आगे भी जितने परिवार प्रभावित होंगे, उनको सहायता की जाएगी.
रिपोर्ट: सन्नी कुमार