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जंगलराज के दावे के साथ शेयर हो रहा था किडनैप का वीडियो, बिहार पुलिस ने कर दिया दूध का दूध और पानी का पानी

सोशल मीडिया पर अपहरण के वायरल वीडियो का सच सामने आ गया है. बिहार पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बिहार में अपहरण की फर्जी और भ्रामक खबर प्रसारित करने के मामला का खुलासा किया है. पुलिस ने कहा कि यह स्क्रिप्टेड वीडियो है, भ्रम फैलाया जा रहा है. ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Written By Shailendra
Published: Nov 03, 2026, 04:32 PM IST | Updated: Nov 03, 2026, 04:46 PM IST
Image Credit: सोशल मीडिया पर वायरल अपहरण के वीडियो का सच आया सामने (Photo- Bihar Police)
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बिहार में सोशल मीडिया पर एक अपहरण का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो को राजद और कांग्रेस ने भी अपने सोशल हैंडल से शेयर किया. साथ ही राज्य सरकार को कानून व्यवस्था को लेकर घेरा. साथ ही कई और यूजर ने अपने सोशल अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया. वहीं, अब इस अपहरण वाली पोस्ट पर बिहार पुलिस ने जवाब दिया है. पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर मामले का पटाक्षेप कर दिया.

बिहार पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए लिखा कि सूचना और जनसंपर्क विभाग (IPRD), बिहार के माध्यम से सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई, बिहार के संज्ञान में आया. उक्त पोस्ट में बिहार में जंगलराज की वापसी का दावा करते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने और अपहरण जैसी घटनाएं घटित होने की बात कही गई थी. उक्त सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई (CCSU), बिहार की तरफ से सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री की जांच और सत्यापन किया गया.

जांच के क्रम में पाया गया कि संबंधित वीडियो मूल रूप Instagram की User ID- isa007stunt अकाउंट की तरफ पोस्ट किया गया था. उपलब्ध Instagram के अनुसार, ये अकाउंट का संचालक पश्चिम बंगाल का निवासी है. प्रथम दृष्टया संदर्भित वीडियो स्क्रिप्टेड प्रतीत होता है. पूर्व में भी इसी प्रकार के कई वीडियो एवं पोस्ट प्रसारित किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है.

जांच में यह भी पाया गया कि मूल वीडियो को गलत संदर्भ और भ्रामक विवरण के साथ पेश कर बिहार में लड़की के अपहरण की कथित घटना से जोड़ने का प्रयास किया गया. इस प्रकार मूल वीडियो की वास्तविक विषयवस्तु से अलग और भ्रामक दावा प्रसारित कर आमजन के बीच भ्रम और भय उत्पन्न करने का प्रयास किया गया.

साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई (CCSU), बिहार की ओर से उक्त पोस्ट में बताई गई अपहरण की घटना के संबंध में कोई तथ्यात्मक पुष्टि नहीं पाई गई है.

इस मामले में मोतिहारी निवासी मनीष कुमार दास की ओर से अपने फेसबुक अकाउंट के माध्यम से फर्जी और भ्रामक समाचार प्रसारित किए जाने के संबंध में संबंधित सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ अग्रतर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.

बता दें कि बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपहरण की फर्जी और भ्रामक खबर प्रसारित करने का मामला का खुलासा किया. साथ ही प्रेस रिलीज में बकायदा सबूत के साथ तस्वीर लगाकर दिखाया किया. पुलिस ने बताया कि अपहर मामले का क्या सच है और क्या झूठ.

यह भी पढ़ें: किशनगंज और कटिहार में EOU का एक्शन, आय से अधिक संपत्ति के मामले में DPO रूबी कुमारी के ठिकानों पर छापेमारी

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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