जहानाबाद जिले से गुजरने वाली मोरहर नदी के तेज बहाव ने सदर ब्लॉक की गोनावां और अमैन पंचायतों में भारी तबाही मचाई है. जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का पानी दोनों पंचायतों के दर्जनों गांवों और खेतों में फैल गया है, जिससे हजारों एकड़ में खड़ी धान की फसलें डूब गईं है. हालात ऐसे हैं कि बाढ़ का पानी गांवों को चारों ओर से घेरे हुए हैं और सड़कों पर पानी का तेज बहाव हो रहा है, जिससे स्थानीय लोग परेशान और चिंतित हैं. सदर ब्लॉक में मोरहर, बलदैया और दर्धा नदियों का पानी एक साथ तबाही मचा रहा है. आलमपुर गांव के पास मुख्य सड़क पर पानी का तेज बहाव है, जिससे लोगों को आने-जाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है.
पानी बढ़ने से पूरा इलाका जलमग्न
सड़कों पर पानी जमा होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और ग्रामीण अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं. आस-पास बाढ़ का पानी भरने से जहरीले जीवों के सामने आने का खतरा भी बढ़ गया है. गोनावां पंचायत के चैनपुरा, इमादपुर, करौता, बसंतपुर और सहवाजपुर जैसे गांव, और अमैन पंचायत के घोषी, आलमपुर, फतेहपुर और तुरकौल गांव पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि मोरहर नदी में अचानक पानी बढ़ने से पूरा इलाका जलमग्न हो गया है. हालात ऐसे हैं कि चारों तरफ पानी है और कुछ घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. ग्रामीण अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं और पानी के साथ सांप और बिच्छू जैसे जीव भी इलाके में आने लगे हैं.
फसल को पहुंचा भारी नुकसान
इस स्थिति का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ा है. महीनों की कड़ी मेहनत और धान की रोपाई में भारी खर्च के बाद, उनकी हजारों एकड़ में फैली फसलें अब पानी में डूबी हुई हैं. किसान न सिर्फ अपनी फसल के नुकसान से दुखी हैं, बल्कि उन पर आर्थिक संकट भी मंडरा रहा है. गोनावां पंचायत के एक किसान ने बताया कि मोरहर, बलदैया और दरधा नदी में आए बाढ़ के पानी से गोनावां पंचायत के चैनपुरा, इमादपुर, करौता, बसंतपुर और सहवाजपुर समेत अमैन पंचायत में घोसी, आलमपुर, फतेहपुर और तुरकौल गांवों में भारी जलजमाव हो गया है. स्थिति गंभीर हो गई है, क्योंकि इन तीनों नदियों का पानी एक साथ मिलकर पूरे इलाके में फैल गया है. प्रभावित ग्रामीण और किसान अब ज़िला प्रशासन की ओर देख रहे हैं और तुरंत राहत व मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
रिपोर्ट: मुकेश कुमार