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क्यूल नदी के पास छुपे थे हरेराम-नंदन यादव: जमुई में छेड़खानी का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने की धरपकड़, एक को लगी गोली

पुलिस से बचने के लिए हरेराम यादव और नंदन यादव क्यूल नदी के किनारे छिपे हुए थे, लेकिन पुलिस को इस बात की भनक लग गई और दोनों को दबोच लिया गया. इस दौरान, नंदन यादव का हाफ एनकाउंटर भी हो गया. उसके पैर में गोली लगी है.

क्यूल नदी के पास छुपे थे हरेराम-नंदन यादव: जमुई में छेड़खानी का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने की धरपकड़, एक को लगी गोली
Image Credit: जमुई पुलिस ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी. (Video Grab)

जमुई टाउन थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ी के पास 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ छेड़खानी व मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस का कहना है कि मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव को पुलिस ने मुठभेड़ व पीछा करने के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है. दोनों को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने धरपकड़ शुरू कर दी थी. इसके बाद ये दोनों आरोपी क्यूल नदी के पास जाकर छिप गए थे.

पुलिस का कहना है कि मंगलवार को करीब 11 बजे सूचना मिली कि मामले का आरोपी हरेराम यादव टाउन थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव के पास क्यूल नदी किनारे छिपा है. इसके बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की तो वह भागने लगा और इस दौरान गिरकर घायल हो गया. इसके बाद पुलिस ने उसे आसानी से पकड़ लिया. हरेराम की निशानदेही पर पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को भी उसी इलाके से धर दबोचा. हालांकि, पुलिस से बचने के लिए नंदन यादव ने फायरिंग भी की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी. इसके बाद दोनों घायलों को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा.

120 सोशल मीडिया हैंडल पर भी FIR

वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने करीब 120 सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने इस मामले में कुछ सोशल मीडिया हैंडल संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की है कि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान उजागर न करें और घटना से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल या शेयर न करें. उन्होंने कहा कि नाबालिग की पहचान उजागर करने या वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

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