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जमुई में कपल के साथ हैवानियत भरा व्यवहार करने और पूरे राज्य में कानून व्यवस्था के खराब होने का दावा करते हुए तेजस्वी यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती. तेजस्वी यादव ने सभी आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में सम्राट सरकार अपराध को काबू करने में विफल रही है और मुख्यमंत्री से इसको लेकर इस्तीफा लिया जाना चाहिए.
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और मंत्री श्रवण कुमार की ओर से जमुई की घटना को 'छिटपुट' बताए जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर ऐसी घटनाएं उनके परिवार के साथ होतीं तो क्या वे इसे 'छिटपुट' या 'व्यक्तिगत घटना' बताते? उन्होंने जमुई, दरभंगा, बेगूसराय, नवादा, मोतिहारी और समस्तीपुर समेत कई जिलों में बच्चियों और महिलाओं के साथ हुए खौफनाक अपराधों का ब्योरा देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
तेजस्वी यादव ने पुलिस पर निर्दोषों को झूठे मुकदमों में फंसाने और हिरासत में हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया. एक पीड़ित महिला को अपने साथ बैठाकर उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके पति को छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये मांगी और न देने पर जेल में जहरीला इंजेक्शन देकर उनकी हत्या कर दी गई. सासाराम, पालीगंज, मधुबनी, कटिहार और मुजफ्फरपुर में हुई हिरासत में मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की ओर से संसद में दिए गए आंकड़ों का हवाला दिया, जिसके मुताबिक हिरासत में मौतों के मामले में बिहार नंबर 1 है.
उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करती, बल्कि बेगुनाह लोगों को जबरदस्ती केस में फंसाकर जेल में डालने और वही मारने का काम करती है. उन्होंने सासाराम जेल के सुपरिटेंडेंट पर आरोप लगाया कि वे जात-पात देखकर काम कर रहे हैं. इस साल 2026 के शुरुआती 74 दिनों में ही बिहार में कस्टोडियल डेथ की 19 घटनाएं हुई हैं.
ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास से 'कमीशन दो, तबादला लो' का खेल चल रहा है. ईमानदार पुलिसवालों को दरकिनार कर घूसखोरों को मलाईदार और महत्वपूर्ण पोस्टिंग दी जा रही है. उन्होंने सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार अब पूरी तरह से सरकार के हाथ से निकल चुका है.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि एक महीने में बच्चियों और महिलाओं के साथ जिस तरह की घटनाएं हुई हैं, वो चिंताजनक हैं. बच्चियों के खिलाफ अपराध के मामले में बिहार की स्थिति गंभीर है. उन्होंने कहा कि जब पुलिस मॉडर्नाइजेशन और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे हो रहे हैं तो छिटपुट घटनाओं का हवाला देकर जिम्मेदारी से कैसे बचा जा सकता है? ऐसे बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए.
जमुई में आरोपियों की जाति को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि केवल जात-पात के नाम पर किसी एक व्यक्ति को आगे करके मामला खत्म नहीं किया जा सकता. बाकी सात लोग कहाँ हैं और उनपर क्या कार्रवाई हुई? उन्होंने कहा कि कार्रवाई तब हो रही है, जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, लेकिन जिन घटनाओं को हमने लगातार अखबारों की कटिंग के माध्यम से उठाया है, उन मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई?
जीतन राम मांझी के ट्वीट पर तेजस्वी यादव ने कहा, मांझी जी को सब कुछ मिल गया है, बेटा मंत्री है और अपने मंत्री हैं. उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी सवाल उठ रहे हैं. इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुद्दा जाति का नहीं है. मुद्दा यह है कि अपराध हुआ है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. अपराधियों की कोई जात नहीं होती है.