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गयाजी पितृपक्ष मेले में 2500 टेंट की व्यवस्था: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए AI कैमरे से होगी निगरानी

Pitru Paksha Mela 2026: गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की शुरुआत हो गई है. देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मेला क्षेत्र को 44 सुरक्षा जोन और 510 सेक्टर में बांटा गया है. साथ ही श्रद्धालुओं को ठहरने कते लिए 2500 टेंट सिटी तैयार की गई है.

Edited By Rupak Kumar
Published: Sep 25, 2026, 12:18 PM IST | Updated: Sep 25, 2026, 12:28 PM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
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Pitru Paksha Mela 2026: गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की आज से शुरुआत हो गई है. देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर गया के गांधी मैदान में भव्य तैयारी की गई है. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरे मेला क्षेत्र को 44 सुरक्षा जोन और 510 सेक्टर में बांटा गया है.  साथ 878 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी. इसके अलावा पुलिस कैंप, अस्थायी थाना, कंट्रोल रूम और 24 घंटे गश्त की व्यवस्था की गई है. सुरक्षा में तैनात अधिकारी और जवान तीन शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे. प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल सहायता मिल सके.

पूरे मेला क्षेत्र में 878 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था
मेले में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए CCTV कैमरों का जाल बिछाया गया है. पूरे मेला क्षेत्र में 878 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है. इनमें से 543 कैमरों  Aआधारित है. इसके अलावा 67 स्थानों पर 335 अतिरिक्त कैमरे लगाए जाने हैं. इन कैमरों के जरिए मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, जिससे भीड़ की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए मेला क्षेत्र में 87 पुलिस कैंप और अस्थायी थाने बनाए गए हैं. इसके साथ ही सहायता केंद्र और 24 घंटे गश्त की व्यवस्था की गई है. सनवास सदन समिति, अक्षयवट और देवघाट में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी.

QR कलाई पट्टी से बच्चों की पहचान
इस पितृपक्ष मेले में लाखों की भीड़ होती है. भीड़ के बीच बच्चों के अपने परिजनों से बिछड़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें QR कोड वाली कलाई पट्टी देने की व्यवस्था की गई है. इससे बच्चों की पहचान करने और बिछड़ने की स्थिति में उनके परिजनों तक पहुंचने में मदद मिलेगी. वहीं, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए Bhashini ऐप के जरिए AI आधारित बहुभाषी सहायता उपलब्ध कराने की योजना है. इससे दूसरे राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी. हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम के माध्यम से श्रद्धालु अपनी समस्या बता सकेंगे और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद ले सकेंगे.

2500 टेंट में श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
वहीं, श्रद्धालुओं को ठहरने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं. गया में भव्य टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है, जहां एक साथ हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है. देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टेंट सिटी तैयार की गई है. इसमें कुल 2500 टेंट लगाए गए हैं, ताकि पिंडदान और तर्पण के लिए गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए भटकना न पड़े. टेंट सिटी में बिजली, पंखा, पेयजल और शौचालय सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. पितृपक्ष के दौरान गया में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसे में उनके रहने, खाने-पीने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो.

रिपोर्ट: सन्नी कुमार

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About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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