भागलपुर के राघोपुर पंचायत में गंगा नदी पर बना तटबांध टूट गया. बांध टूटने की वजह से भारी तबाही मच गई, जिसकी वजह से हड़कंप मच गया है. छोटी अलालपुर में 11 अक्टूबर, 2026 दिन रविवार को देखते ही देखते एक दो मंजिला मकान गंगा नदी में समा गया. इस मुहाने पर सामने और भी कई मकान गिरने के कगार पर हैं. करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद स्थिति बदतर है और मकान नहीं बच सका. मकान के गंगा में समाने का वीडियो भी सामने आया है.
राघोपुर में गंगा का तांडव, देखते ही देखते गंगा में समाया दो मंजिला मकान
राघोपुर में गंगा का भीषण कटाव लगातार जारी है. यह क्षेत्र पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र का है और इसी पंचायत में ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का भी आवास है, इसके बावजूद न तो बांध बचा और न ही लोगों के घर. इससे जल संसाधन विभाग का कटावरोधी कार्य पूरी तरह विफल साबित होता दिख रहा है.
गरीब परिवारों की जमा-पूंजी और उनके भविष्य को भी तबाह कर रहा कटाव
वहीं, राघोपुर में गंगा का कटाव सिर्फ जमीन और मकान ही नहीं निगल रहा, बल्कि गरीब परिवारों की जमा-पूंजी और उनके भविष्य को भी तबाह कर रहा है. किसी महिला ने आजीविका के लिए कर्ज लिया था, तो किसी ने अपना घर बनाने का सपना पूरा करने के लिए, लेकिन गंगा की विनाशलीला ने उनके सभी सपनों को उजाड़ दिया. अब न तो घर बचा है, न खेती का सहारा और न ही कमाई का कोई पक्का जरिया.
सबकुछ उजड़ चुका है, तब वे लोन की किस्तें कैसे चुकाएं?
कटाव पीड़ित महिलाओं का कहना है कि जब उनका सबकुछ उजड़ चुका है, तब वे लोन की किस्तें कैसे चुकाएं? एक तरफ रहने और खाने का गंभीर संकट है, तो दूसरी तरफ कर्ज वापसी की चिंता. ऐसे में इन महिलाओं के सामने परिवार चलाने के साथ-साथ कर्ज चुकाने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार