APK फाइल और QR कोड से ऐसे होता था Whatsapp हैक, जमुई पुलिस के हत्थे चढ़े 3 शातिर ठग
WhatsApp हैक कर ठगी करने वाले गिरोह का जमुई पुलिस ने पर्दाफाश किया है. साथ ही चौफला से तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 15 मोबाइल, दो लैपटॉप और 3.27 लाख नकद बरामद भी किया है. पुलिस के अनुसार, ये लोग एपीके फाइल और क्यूआर कोड भेजकर शिकार बनाते थे.
जमुई चंद्रमंडीह पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर मोबाइल हैक कर ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों के पास से 15 एंड्रॉइड मोबाइल, दो लैपटॉप और 3 लाख 27 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं.
चौफला गांव के रहने वाले हैं तीनों आरोपित
थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान चौफला गांव निवासी सूरज कुमार, उसके सगे भाई अमित कुमार दोनों के पिता राम दास और इसी गांव के सुबोध कुमार पिता जितेंद्र दास के रूप में हुई है. गुप्त सूचना मिली थी कि गांव के एक घर में बैठकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा.
एपीके फाइल भेजकर करते थे WhatsApp हैक
पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के हाईटेक तरीके का खुलासा किया. शातिर सबसे पहले लोगों के मोबाइल पर एपीके फाइल भेजते थे. जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को डाउनलोड करता, उसका WhatsApp अकाउंट पूरी तरह हैक हो जाता था. इसके बाद आरोपी उस WhatsApp को किसी दूसरे फोन में लॉगिन कर लेते थे, जिससे पीड़ित के फोन के सभी कांटेक्ट नंबर इनके पास आ जाते थे. इसके बाद शातिर पीड़ित के परिचितों को WhatsApp पर दुर्घटना की फर्जी तस्वीर भेजकर मैसेज करते थे कि उनका गंभीर एक्सीडेंट हो गया है, पैर टूट गया है और तत्काल रुपयों की सख्त जरूरत है. घबराहट में परिचित बिना जांच-पड़ताल किए भेजे गए क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर कर देते थे. साथ ही यह गिरोह नए संपर्कों को भी एपीके फाइल भेजकर एक लंबी चेन के तहत लगातार लोगों को ठग रहा था.
टेलीग्राम से जुड़ा है नेटवर्क, मास्टरमाइंड की तलाश
पुलिस के अनुसार सूरज और अमित पिछले तीन-चार महीनों से, जबकि सुबोध करीब डेढ़ साल से इस धंधे में लिप्त था. थानाध्यक्ष ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड टेलीग्राम चैनल के माध्यम से इन्हें निर्देश देता है. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के जरिए मुख्य सरगना की तलाश कर रही है.
अभियान में शामिल पुलिस बल
थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस छापेमारी अभियान में एसआई रितेश कुमार, एसआई नंदन कुमार, एसआई अमित कुमार समेत पुलिस बल के जवान शामिल थे. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
रिपोर्ट: अभिषेक निरला
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