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प्रकृति की चुनौती पर भारी पड़ी आस्था, खराब मौसम और तूफान के बीच महिलाओं ने रखा करवाचौथ का निर्जला व्रत

बिहार में चक्रवाती तूफान अर्नब के खतरे और मौसम के बदले मिजाज के बीच भी सुहागिन महिलाओं की आस्था कायम रही. महिलाओं ने करवाचौथ पर पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ निर्जला व्रत रखा. दिनभर उपवास कर पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की.

Edited By Rupak Kumar
Published: Oct 30, 2026, 08:27 AM IST | Updated: Oct 30, 2026, 08:41 AM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
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आसमान में चक्रवाती तूफान का खतरा, मौसम के बदलता मिजाज और प्रकृति की चुनौती के बावजूद भी अपने-अपने पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ करवाचौथ का व्रत रखा. इस अर्नब चक्रवाती तूफान के असर और खराब मौसम के बीच भी महिलाओं के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली. सुबह से ही महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और भगवान से अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की. दिन भर महिलाओं ने व्रत रखा फिर शाम को चांद को देखकर अपना व्रत तोड़ा.

सुहागिनों ने पूरे उत्साह के साथ मनाया पर्व

आपकों बता दें कि करवा चौथ का पर्व सुहाग, प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है. इस दिन महिलाएं अपने सुहाग और परिवार की सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं. मौसम का मिजाज बदला हुआ था और आसमान में चक्रवाती तूफान का खतरा बना हुआ था, लेकिन इसका असर महिलाओं की श्रद्धा पर नहीं पड़ा. सुहागिनों ने पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाया. सोलह श्रृंगार से सजी महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनी.

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चांद के दीदार के लिए आसमान पर टिकी रहीं व्रती महिलाओं की निगाहें

सारा दिन अन्न,जल ग्रहण किये बिना महिलाओं ने व्रत रखा और शाम होते ही सबकी नजर आसमान की ओर टिकी हुई थी. सभी व्रती ने चांद निकलने का इंतजार कर रही थी. करवा चौथ की परंपरा के अनुसार महिलाएं चांद को देखने के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर अपना व्रत खोलती हैं. हालांकि, चक्रवाती तूफान के कारण आसमान में बादल छाए रहने के कारण चांद के दर्शन को अच्छे से नहीं हो पाए. इसके बावजूद भी महिलाओं ने पूरी विधि-विधान से पूजा की.

खराब मौसम के बावजूद महिलाओं की आस्था और विश्वास रहे कायम

मौसम खराब था लेकिन फिर भी महिलाओं ने पूरे विश्वास के साथ आसमान की ओर नजरें बनाई रखी. परिवार की सलामती की दुआ और जीवनसाथी के प्रति प्रेम ने इस पर्व को और खास बना दिया. महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना की. करवा चौथ का यह पर्व पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और समर्पण के महत्व को दर्शाता है.

रिपोर्ट: ऋषिकेश कुमार

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About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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