SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

नालंदा का अनूठा मंदिर: जहां नवरात्र के 10 दिनों तक महिलाओं के प्रवेश पर रहती है सख्त पाबंदी, सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम

नवरात्रि के दौरान नालंदा में 10 दिनों तक महिलाओं को मां आशापुरी मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है. सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है. नालंदा के घोसरावां गांव की अनोखी परंपरा है.

Edited By Shailendra
Published: Oct 13, 2026, 09:41 PM IST | Updated: Oct 13, 2026, 09:47 PM IST
Image Credit: नवरात्र के 10 दिन मां आशापुरी के दरबार में महिलाओं का प्रवेश वर्जित (Z News)
Join

नालंदा जिले के गिरियक प्रखंड का एक गांव ऐसा है, जहां हर साल नवरात्र के समय गांव के अंदर बने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर मंदिर के पुजारियों और ग्रामीणों की तरफ से पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाता है. बिहारशरीफ मुख्यालय से महज पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर घोसरावां गांव स्थित मां आशापुरी मंदिर में नवरात्र के दौरान महिलाओं के अंदर प्रवेश करने पर पाबंदी रहती है.

पौराणिक प्रथा के अनुसार, इस मंदिर का नाम आशापुरी रखा गया, क्योंकि यहां बौद्ध काल में 18 सौ बौद्ध भिक्षु आकर अपनी मन्नत मांगते थे और उनकी मन्नतें भी पूरी होती थी. तब से लेकर आज तक, जो कोई भी भक्त नवरात्र के समय सच्चे मन से मां आशापुरी की भक्ति करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है.

मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्र के समय इस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर इसलिए प्रतिबंध रहता है, क्योंकि प्रतिपदा से लेकर 10 दिनों तक विजयादशमी की आरती से पहले तक मंदिर में महिलाओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होता है. यह इलाका पूर्व से ही तांत्रिको का गढ़ माना जाता रहा है, जहां तांत्रिक लोग आकर सिद्धि प्राप्त करते थे. उसी समय से पूरे नवरात्र में यहां तांत्रिक पूजा यानी तंत्रियाण पूजा होती है और तंत्रियाण पूजा में महिलाओं का प्रवेश पूर्ण रूप से निषेध माना गया है.

यह प्रथा आज से नहीं, बल्कि आदि-अनादि काल से चली आ रही है. पूर्वजों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण राजा घोष के द्वारा करवाया गया था, इसीलिए इस गांव का नाम घोसरावां पड़ा. इस इलाके में मां आशापुरी स्वयं प्रकट हुई थीं और जिस स्थान पर वे प्रकट हुईं, वही पर मंदिर का निर्माण करवाया गया.

नवरात्र के समय घोसरावां के इस मंदिर में बिहार के अलावा कोलकाता, ओडिशा, मध्य प्रदेश, असम, दिल्ली और झारखंड जैसे दूरदराज के इलाकों से आकर भक्त दस दिनों तक पूजा-पाठ करते हैं.

रिपोर्ट: ऋषिकेश

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES