पुलिस कस्टडी में दिलशाद मियां की मौत के मामले में बेतिया एसपी कुमार गौतम ने बड़ी कार्रवाई की है. सहोदरा थाना के थानाध्यक्ष समेत कुल 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस संबंध में बेतिया पुलिस की ओर से प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई है.
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के नाम
रविशंकर कुमार (थानाध्यक्ष)
अरुण कुमार (पुलिसकर्मी)
सौदागर कुमार यादव (सिपाही)
राजकिशोर ऋषि (सिपाही)
कुंदन कुमार (सिपाही)
सुमन कुमार (चालक)
पूरी घटना क्या है?
बीती देर रात सहोदरा थाना की पुलिस ने औरैया गांव निवासी दिलशाद मियां को एनडीपीएस (NDPS) मामले में गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार, हिरासत में लेकर थाने ले जाने के क्रम में आरोपी पुलिस वाहन से कूदकर भागने का प्रयास कर रहा था, जिससे वह घायल हो गया. इसके बाद उसे इलाज के लिए जीएमसीएच (GMCH) में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
दिलशाद मियां की मौत पुलिस कस्टडी में हुई, परिजनों का आरोप
घटना की सूचना मिलने पर जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने बेतिया पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि दिलशाद मियां की मौत पुलिस कस्टडी में हुई है.
बेतिया पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है और बेतिया पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इसी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने यह कड़ी कार्रवाई की है.
पूरे मामले को जानिए
यह पूरा वाकया बेतिया के बानुछापर और सहोदरा थाना इलाके से जुड़ा है. जहां एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक की पहचान बानुछापर थाना क्षेत्र के बड़ा टोला वार्ड नंबर-2 के रहने वाले 25 साल के दिलशाद अंसारी पिता- अकबर अंसारी के रूप में हुई है. परिवार वालों की मानें तो घटना वाली रात यानी रविवार की देर रात करीब दो बज रहे होंगे, जब अचानक पुलिस की दो गाड़ियां उनके घर के बाहर आकर रुकीं. उस वक्त घर में सन्नाटा था और सब सो रहे थे.
परिजनों का आरोप है कि पुलिसवालों ने दरवाजा पिटवाकर खुलवाया और सीधे दिलशाद के बारे में पूछताछ करने लगे. घर के लोगों ने बताया कि वह अंदर कमरे में सो रहा था. इसके बाद, पुलिस वाले उसे पूछताछ के नाम पर अपने साथ ले गए, जिसके बाद से परिवार का बुरा हाल है.
रिपोर्ट : धनंजय द्विवेदी