वैशाली में पलटी अर्टिगा कार से CNG रिसाव, बाढ़ और कैमूर में भी तेज रफ्तार का कहर
वैशाली में एक अर्टिगा कार पलट गई, जिससे सीएनजी गैस का रिसाव होने लगा. वहीं, बाढ़ में एक बेकाबू कार ने कई लोगों को टक्कर मार दी. इस घटना में आधा दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. इसके अलावा, कैमूर में एक सड़क हादसे में 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई.
वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र में हाजीपुर-मुजफ्फरपुर NH-22 पर गोढ़िया पुल के पास ट्रक से टकराने के बाद एक आर्टिगा कार बीच सड़क पर पलट गई. हादसे के बाद कार से CNG गैस का रिसाव होने लगा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. कार में चार लोग सवार थे. सभी ने गाड़ी के शीशे तोड़कर बाहर निकलते हुए अपनी जान बचाई.
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और गैस रिसाव को बंद कराया. वहीं, गोरौल के अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर थाने पहुंचाया.बताया जा रहा है कि कार सवार सभी लोग पटना सिटी के रहने वाले हैं और पटना से मुजफ्फरपुर जा रहे थे. फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है.
बाढ़ में कार ने बाइक-ऑटो में मारी टक्कर
बाढ़ के गोरक्षनी में भीषण सड़क हादसा में आधे दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. एक अनियंत्रित कार ने पहले पैदल यात्री को टक्कर मारी, फिर बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मारने के बाद ऑटो में जाकर भिड़ गई. कार सवार अपनी बहन की विदाई के बाद बिहारशरीफ से उमानाथ लौट रहे थे. स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल लोगों को अनुमंडल अस्पताल बाढ़ प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया. दुर्घटना के बाद कई लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन जब सभी घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया तब एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची.
कैमूर में अज्ञात बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत
कैमूर जिले के नुआंव थाना क्षेत्र अंतर्गत गर्रा गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत हो गई. मृतक की पहचान गर्रा गांव निवासी 72 वर्षीय बिलाटन सिंह यादव, पिता स्वर्गीय सोभन यादव के रूप में हुई है. मृतक के पुत्र दिलराम सिंह ने बताया कि वे शाम करीब छह बजे घर से डेयरी पर दूध पहुंचाने के लिए निकले थे. रास्ते में किसी अज्ञात बाइक चालक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. हादसे के तुरंत बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए नुआंव के एक निजी अस्पताल ले गए. वहां से डॉक्टरों द्वारा रेफर किए जाने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया. ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने के बाद जब परिजन उन्हें बुधवार को वापस लेकर लौट रहे थे, उसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई.
मृतक के पुत्र ने कहा कि उनका परिवार बेहद गरीब है. पिता की असमय मौत से परिवार पर भारी विपत्ति आ गई है. उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाए और सरकारी नियमों के अनुसार पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए.