बिहार में सोलर क्रांति: कृषि फीडर होंगे सोलर युक्त, कृषि बिजली पर बचेंगे 5,000 करोड़ रुपये- सीएम सम्राट चौधरी
बिहार सरकार ने सोलर ऊर्जा के लाभार्थियों के खाते में बिहार सरकार की ओर से भी वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है. बिहार में 1 किलोवाट के सोलर प्लांट पर 30 हजार रुपये केंद्र सरकार और 10 हजार रुपये बिहार सरकार देगी. इसी प्रकार 2 किलोवाट और 3 किलोवाट पर भी सहायता दी जाएगी.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 सितंबर, 2026 दिन मंगलवार को पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश में कुल 2 करोड़ 22 लाख बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें से 1 करोड़ 60 लाख परिवार ऐसे हैं जिनका बिजली बिल शून्य आता है. आज पूरे भारत में सबसे ज्यादा बिजली सब्सिडी बिहार सरकार ही देती है. अगले 5 वर्षों में उद्योगों को आगे बढ़ाना है, जिसके लिए 20 हजार मेगावाट क्षमता का बुनियादी ढांचा तैयार करना है.
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि हम कृषि फीडर में भी सब्सिडी प्रदान करते हैं. अगले 2 वर्षों में जितने भी कृषि फीडर हैं, उन सभी को सोलर-युक्त कर दिया जाएगा. इससे बिहार सरकार के राजस्व की बचत होगी और किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए 2028 का लक्ष्य रखेंगे, जिससे ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार के लोगों की तकदीर बदलेगी. केवल कृषि फीडर से ही बिहार सरकार के 5 हजार करोड़ रुपये बचाने का काम किया जाएगा.
सम्राट चौधरी ने कहा कि घरेलू ऊर्जा के उपयोग के तहत मैंने अपने निजी आवास पर 13 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया है. मुख्यमंत्री आवास की भी पूरी बिजली सोलर ऊर्जा से ही चलती है. स्मार्ट मीटर लगाने से आम नागरिक भी स्मार्ट बनता है. सभी लोगों को अपने-अपने घरों पर सोलर पैनल जरूर लगाना चाहिए. सीएम ने आगे कहा कि सब्सिडी के माध्यम से हम एक-एक व्यक्ति को जागरूक कर रहे हैं. इससे आपके घरों को बिजली तो मिलेगी ही, साथ ही आपकी अनुपस्थिति में यह पैसा कमाने का एक बेहतरीन जरिया भी बनेगा.
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें यह तय करना है कि 20 हजार मेगावाट का लक्ष्य कैसे हासिल किया जाए. इसमें निजी क्षेत्र के लोग भी शामिल होंगे और निवेश भी आएगा. आने वाले दिनों में हम ग्रीन हाइड्रोजन नीति भी लेकर आएंगे. अगर पंचायतें इस दिशा में बेहतर कार्य करेंगी, तो जिले में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंचायत को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. सीएम ने इस दौरान कहा कि कई महत्वपूर्ण कार्य करने हैं और इसे लगातार आगे बढ़ाना है. राज्य में जिस तरह की व्यवस्था और आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है, उसके परिणाम बेहद सकारात्मक और बेहतर होंगे.
कार्यक्राम को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि विद्यालय स्तर से लेकर ट्यूटर तक बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं. राज्य में एक साथ 211 डिग्री कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें शिक्षकों की नियुक्ति भी हो चुकी है और पठन-पाठन का कार्य शुरू हो गया है. जो बच्चे राज्य से बाहर रह रहे हैं, उनके लिए भी यहीं उच्च शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि 14 करोड़ बिहारियों के सकारात्मक व्यवहार से ही बिहार में बदलाव आएगा. आज देश के दूसरे हिस्सों में भी बिहार के लोग राशन प्राप्त कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमारी यह संकल्पना है कि बिहार के नौजवानों को रोजगार की तलाश में देश के किसी भी कोने में जाने की आवश्यकता न पड़े. मैं यह गारंटी देता हूं कि अगले 5 वर्षों में किसी भी व्यक्ति को मजदूरी के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें यहीं पर काम और मजदूरी मिलेगी. नासा (NASA) ने जो तस्वीर जारी की थी, उसमें सबसे सुंदर दृश्य बिहार का ही दिखाई दे रहा था. हम हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ेंगे. देश के अन्य हिस्सों में जाने पर बिजली की दरें कम होती दिखती हैं, जबकि हमारे यहां यह महंगी होती जा रही है, हम इसे जरूर ठीक करेंगे.
वहीं, जमुई मामले पर बोलते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अपराधी केवल अपराधी होता है, उसकी कोई जाति नहीं होती. हमारी नीति कानून का राज और न्याय के साथ विकास की है. अगर कोई अपराधी अपराध करेगा, तो हमारी पुलिस उसे सख्त जवाब देगी.
रिपोर्ट: रजनीश