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'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू करने जा रही बीजेपी, 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे शुरुआत

1 नवंबर को कांग्रेस की दिल्ली में मेगा रैली होनी है. इससे पहले 28 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान लांच कर रही है. इस तरह सत्तापक्ष और विपक्ष आमने सामने आते दिख रहे हैं.

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू करने जा रही बीजेपी, 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे शुरुआत
Image Credit: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार सरकार (File Photo)

भारतीय जनता पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और बदनाम करने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि विपक्ष चुनाव में जीत मिलने पर जश्न मनाता है और हार मिलने पर चुनावी व्यवस्था और संस्थाओं पर सवाल खड़े करता है. इन्हीं मुद्दों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता बैनर और तिरंगे के साथ सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे. हालांकि, यात्रा में शामिल होने वाले नेताओं के नाम और कार्यक्रम के विवरण की पुष्टि जरूरी है.

राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस बारे में कहा, विपक्ष ने लोकतांत्रिक अधिकारों और वोटिंग राइट्स के मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी को घेरा है. विपक्ष का आरोप है कि सत्तापक्ष न तो सदन के अंदर और न ही सड़क पर उठ रही आवाजों को सुन रहा है. ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन के जरिए विपक्ष अपने अधिकारों की मांग कर रहा है. विपक्षी नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यक्रमों और राजनीति से माहौल प्रभावित हो रहा है. उन्होंने पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि नौजवान, नौकरी और रोजगार, आम लोग महंगाई और कई वर्ग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं.

कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि भाजपा पूरे देश में आम जनता के बीच वोट चोरी के आरोपों को लेकर एक्सपोज हो चुकी है. अब भले ही बीजेपी के नेता कितने भी दावे कर लें, लेकिन जनता के मिजाज को बदलना आसान नहीं है. विपक्ष का आरोप है कि जनता के रुख को भांपते हुए बीजेपी अब तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर वोट चोरी के जरिए सत्ता में आई सरकार न तो जनहित के मुद्दों पर काम कर रही है, न ही सामरिक महत्व के विषयों पर पर्याप्त ध्यान दे रही है. महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरते हुए विपक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता चंदन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा है. कांग्रेस के नेता लगातार राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं और राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत टिप्पणियों तक ले जा रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता को लेकर हुई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी. राजनीति में लड़ाई विचारधारा और नीतियों के आधार पर होनी चाहिए. किसी नेता के परिवार, खासकर दिवंगत माता-पिता को राजनीतिक विवाद में घसीटना उचित नहीं है.

रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा

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