अनंत सिंह... बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा. ये कैमरे के पीछे नहीं भागते, कैमरे इनके आगे-पीछे भागते रहते हैं. इसका कारण है इनका ठेठ देसी अंदाज और मिठास से मिश्रित मगही बोली. बेहतर संवाद अदायगी और मौके पर चौका मारने में इनको महारत हासिल है. बोलने से पहले से आगे-पीछे नहीं सोचते. बस बोल डालते हैं. जब उनको लगता है कि ज्यादा बोल दिया है तो पलट भी जाते हैं और सारा दोष मीडिया पर डाल देते हैं. उनको इस बात की परवाह नहीं होती कि जो बात वो बोल रहे हैं, वो कैमरे में रिकॉर्ड भी हो रही है. वे कहते हैं कि मुझे पार्टी लाइन नहीं पता, जो मन में होता है, बोल देता हूं. अपनी इसी अदा के कारण वे बिहार विधान परिषद चुनाव में छाए रहे और अपने बयानों के लिए चर्चाओं का प्रमुख केंद्र बने रहे. चुनाव भले ही 8 सीटों पर हो रहा था, लेकिन चर्चा केवल और केवल अनंत सिंह की हो रही थी. आइए, जानते हैं विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह के वो बड़े बयान, जो बिहार की राजनीति में मचा गए तूफान:
चुनाव प्रचार के बीच में अनंत सिंह ने अपने एक बयान से सनसनी मचा दी थी. उन्होंने कहा था कि मेरे जितने बलिदान किसने दिए हैं, उस समय नीतीश कुमार कुछ भी नहीं थे, वे यहां-वहां घूमा करते थे. उस दौर में, नीतीश कुमार के साथ रहते हुए मैंने 9 लोगों की हत्या करवाई थी. बाद में अपने इस बयान पर पलटी मारते हुए उन्होंने कहा कि मेरी बात को गलत समझ लिया गया. मैं कह रहा था कि जब मैं नीतीश कुमार की पार्टी में शामिल हुआ, तो लालू यादव के लोगों ने मेरे 9 लोगों की हत्या करवा दी. हम पार्टी से नाराज नहीं हैं. हम पार्टी के साथ ही हैं. अगर पार्टी हमसे नाराज है, तो हम पहले ही कह चुके हैं कि हमें न मरने का डर है और न ही जीने की खुशी. हमें कोई दिक्कत नहीं है. हम पार्टी में नीतीश कुमार की वजह से हैं.
विधान परिषद चुनाव प्रचार के दौरान 14 अक्टूबर को अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर खुलकर बयान देते हुए कहा था, 'हम पुदीना सिंह हैं, 23 तारीख को गैस निकाल देंगे.'
पटना स्नातक सीट से जनता दल यूनाइटेड प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत खराब होने की खबरों पर अनंत सिंह ने कहा, "कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि नीतीश कुमार अस्पताल गए थे (नीरज कुमार को देखने), लेकिन कोई नहीं गया है. यह सब उनकी चाल का हिस्सा है... वह (नीरज कुमार) न तो बीमार हैं और न ही उन्हें बुखार है. कुछ भी नहीं हुआ है; यह पूरी तरह से एक ड्रामा है. नीतीश कुमार सबके मार्गदर्शक हैं. इस (बिहार MLC) चुनाव से उनका कोई लेना-देना नहीं है. जनता ही सर्वोपरि है-जिसे वोट मिलेंगे, वही जीतेगा. नीतीश कुमार न तो उनके (नीरज कुमार के) पक्ष में हैं और न ही मेरे..."
नीतीश कुमार का नीरज कुमार का हाल-चाल लेने उनके घर जाने के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा, "नीतीश कुमार को जहां कोई ले जाता है, वे वहीं जाते हैं. नीतीश और लालू मेरे लिए भगवान तुल्य हैं. वे उस लायक नहीं हैं कि अपनी मर्जी से जाएंगे, जहां मन करता है, लोग वहीं ले जाते हैं."
ललन सिंह को लेकर पूछे गए एक सवाल पर अनंत सिंह ने कहा, "उनसे हमारी बातचीत नहीं है. हम विधायक हैं, इतनी हमको जानकारी नहीं है. उनका भी मिजाज बिगड़ा था, दो बार उनका भी विरोध किया था. पार्टी में नीरज का क्या योगदान है, यह हमको आज तक पता नहीं लगा. वह सिखा-सिखाकर सबको गाली दिलवाता है. पार्टी इतनी बेचैन क्यों है?"
एक अन्य सवाल पर अनंत सिंह ने कहा था, "मेरे 100 से अधिक आदमी थाने में बैठे हुए हैं. न मरने का गम है और न जीने की खुशी है. पार्टी वाले ने जो किया, अच्छा नहीं किया, हम भी पार्टी में थे. हम पार्टी से हट गए, तभी नहीं छोड़ा, इसलिए हमने सोच लिया है कि अब इसे खत्म कर देंगे, तभी छोड़ेंगे."
पटना स्नातक सीट से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने जब मतदान के दिन विक्ट्री साइन दिखाया, तो नीरज कुमार ने कहा- "यह रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं है. जनता मालिक है, भगवान है, और हमारी जीत होगी. जीत किसी दुकान में नहीं मिलती, वह जनता के पास है. इसलिए कहीं कोई दिक्कत नहीं है. यह जनता का वोट है और कोई बेईमानी नहीं करेगा. अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा तो जनता आगे आकर जवाब दे देगी."
नीरज कुमार के अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर अनंत सिंह ने कहा, "नीरज कुमार टोटका करते हैं, लेकिन इस बार टोटका करने से उनका काम नहीं चलने वाला है." जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात करने से पहले अनंत सिंह ने यह बयान दिया था.
चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह ने कहा था, "इस बार विरोधी उम्मीदवारों की जमानत जब्त करा देंगे. युवाओं का समर्थन मिल रहा है और विरोधियों को चुनाव में इसका परिणाम देखने को मिलेगा." जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के कार्रवाई करने के संकेत पर अनंत सिंह ने कहा, "कार्रवाई होगी तो सबको पता चल जाएगा. समय आने दीजिए, फैसला आप भी देखेंगे और हम भी देखेंगे. समय आने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा."
एक बार अनंत सिंह जब अनुज सिंह के लिए चुनाव प्रचार में जा रहे थे तो किसी पत्रकार ने सवाल पूछा कि वे कहां जा रहे हैं तो अनंत सिंह ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, 'नहीं, खेत बेचने जा रहे हैं'. अनंत सिंह ने यह भी कहा कि रोज एक ही सवालवा काहे पूछता है.